मथुरा। रबी की फसल में पानी के लिए मारामारी मची हुई है। जनपद की 148 माइनर व रजबहा में से 71 ऐसे हैं जिनमें अब केवल तली में ही पानी पहुंच सका है।
अक्टूबर से लेकर नवंबर में बोई गई आलू की 15 हजार हेक्टेयर से अधिक फसल में पहला और दूसरा पानी लगाया जा रहा है।
पानी के अभाव में फसल कमजोर हो रही है। दूसरी ओर गेहूं की पलेवट व पिछेती गेहूं की बुआई के लिए पानी की जरूरत है, लेकिन ज्यादातर माइनर व रजबहा में पानी नहीं है। यदि पानी है भी तो वह केवल तली में चल रहा है। तली के पानी को खेतों तक पहुंचाने के लिए किसान बांध, रोका लगाकर दिन-रात पटरियों पर चक्कर लगा रहे हैं। जनपद की 148 माइनर व रजबहा में से केवल 77 में ही अब तक टेल फीड हो सकी है। 71 माइनर व रजबहा ऐसे हैं जिनमें तली में ही पानी पहुंच सका है। इसमें एक दर्जन से अधिक माइनर ऐसी हैं जिनमें एक बूंद पानी नहीं है।
‘नवंबर माह में 50 प्रतिशत माइनर व रजबहा की टेल फीड करा ली गई है। इस वक्त पानी का उपभोग सबसे ज्यादा हो रहा है। बाकी की माइनर व रजबहा को दिसंबर में पानी उपलब्ध कराया जाएगा’
सीपी सिंह, एक्सईएन सिंचाई