सुप्रीम कोर्ट ने हाईवे किनारे से शराब की दुकान हटवाने वाले नियम में सरकारी की तरफ से दायर याचिका पर संशोधन किया है। नए आदेश में कोर्ट ने नगर पालिका क्षेत्र में हाईवे किनारे शराब की दुकान बनी रहने को कहा है। जबकि हाईवे किनारे दुकानें प्रतिबंधित रहेगी। कोर्ट के नए आदेश के बाद आबकारी विभाग ने दुकानों का व्यवस्थापन शुरू करा दिया है।
आबकारी निरीक्षक रणविजय सिंह ने बताया कि हाईवे किनारे शराब, वीयर की दुकानों के व्यवस्थापन मामले में कोर्ट ने बदलाव कर दिया है, जो तीस सितंबर को कार्यालय में प्राप्त हुआ है। इसमें बताया गया कि नगर पालिका, नगर पंचायत क्षेत्र में हाईवे किनारे स्थित दुकानों को प्रतिबंध से मुक्त किया गया है। नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्र में आने वाली दुकानें हाईवे किनारे नए आदेश में व्यवस्थित रहने को बताया गया है। नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्र के बाहर हाईवे किनारे आने वाली दुकानों पर दूरी का प्रतिबंध रहेगा। उन्होंने बताया कि नगर पालिका परिक्षेत्र में आने वाली दुकानों से ग्रामीण क्षेत्र की अपेक्षा फीस भी अधिक ली जाएगी। आबकारी निरीक्षक ने बताया कि कोर्ट के नए आदेश के बाद नगर पालिका और नगर पंचायत में आने वाले क्षेत्र परिसीमन की सूची विभागीय कार्यालय से ली जा रही है। इसके बाद क्षेत्र निर्धारण होने के बाद हाईवे से हटाई गई दुकानों का व्यवस्थापन कराया जाएगा।
सात दुकानों का होगा व्यवस्थापन
एटा। जिला आबकारी अधिकारी आनंद प्रकाश ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट आदेश के बाद नगर पालिका क्षेत्र में छह दुकानें बंद और एक का उठान नहीं हो सका था। इस तरह से कोर्ट आदेश के बाद सात दुकानें प्रभावित हुई थी। जारी हुए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बंद हुई इन दुकानों का नगर पालिका क्षेत्र में व्यवस्थापन कराया जाएगा।
जिले में देशी शराब की दुकान 192
जिले में अंग्रेजी शराब की दुकान 53
जिले में बयर की दुकान 38
जिले में माडल शॉप 02