मैनपुरी। जनपद में संक्रामक रोगों का प्रकोप लगातार बढ़ता चा रहा है। अस्पताल में ब्लड जांच के लिए आने वाले मरीजों को भारी परेशानी से जूझना पड़ रहा है। उन्हें चार से पांच घंटे तक का इंतजार करना पड़ रहा है। सोमवार को जब मरीजों ने जांच केंद्र के बाहर जल्दी रिपोर्ट मांगा तो उन्हें कर्मचारियों ने भगा दिया।
जिला अस्पताल में प्रतिदिन 900 से लेकर 1100 तक मरीज पहुंच रहे हैं। सोमवार को भी जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की भीड़ रही। मरीजों की भीड़ के चलते मरीजों की समय से जांच नहीं हो पा रही है। सोमवार को जिला अस्पताल में 873 मरीजों को प्राथमिक उपचार दिया गया। इनमें से 200 मरीजों की ब्लड जांच भी कराई गई।
जांच के लिए मरीजों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा। जांच रूम में लगे कर्मचारी बहुत कम समय तक ही कक्ष में बैठते हैं। मात्र पांच घंटे ही जांच का कार्य किया जा रहा है।
सुबह आठ से 11 बजे तथा शाम को दो बजे से चार बजे तक। बीमार और ऊपर से छह से सात घंटे का इंतजार उसके लिए बड़ी परेशानी बना हुआ है। मरीजों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध शुरू कर दिया लेकिन उन्हें कर्मचारियों ने भगा दिया।
जिला अस्पताल में जनपद के सभी क्षेत्रों के मरीज पहुंचते हैं। यहां जांच रिपोर्ट अगले दिन मिलने के कारण उसे फिर से अगले दिन आना पड़ता है। इससे शारीरिक और आर्थिक परेशानी उठानी पड़ रही है।
मरीजों की खराब हालत और अस्पताल में जांच को लेकर देरी के चलते जिला अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को बाहर से ही जांच करानी पड़ रही है। यहां बाहरी जांच केंद्र संचालक उनसे मनमानी फीस वसूल कर रहे हैं।
कल्होर निवासी भारत ध्वज ने बताया कि वह सुबह 10 बजे से जिला अस्पताल के ब्लड जांच केंद्र के बाहर बैठा हुआ है। लेकिन दो बजकर पांच मिनट तक जांच के लिए उसका सैंपल नहीं लिया गया। करीमगंज निवासी बबलू ने बताया कि वह सुबह 10 बजे से जांच के लिए खड़ा है लेकिन बार-बार बाद में आने के लिए कहा जा रहा है।
दो बजकर सात मिनट तक जांच के लिए उसका भी सैंपल नहीं लिया गया था। कुसमरा क्षेत्र के हुसैनपुर निवासी शादीलाल ने बताया कि वह विकलांग है। उसकी पत्नी भी विकलांग है जो बीमार है। उसकी जांच के लिए वह सुबह से अस्पताल में बैठा हुआ है लेकिन उसकी जांच नहीं की जा रही है।