मथुरा। बरसाना को नगर पालिका बनाने के प्रस्ताव पर आपत्ति लगाते हुए शासन ने संशोधित प्रस्ताव मांगा है। इसके बाद बरसाना फिलहाल नगर पालिका नहीं बन सकेगा। शासन ने तीन बिंदुओं पर फिर से रिपोर्ट मांगी है। इसके पहुंचने के बाद ही शासन बरसाना को नगर पालिका बनाने पर फैसला करेगा।
राधारानी की नगरी बरसाना फिलहाल नगर पंचायत है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए जनसुविधाओं की दृष्टि से इसे पालिका बनाने पर विचार चल रहा है। इसके लिए शासन के स्तर से मांगा गया प्रस्ताव डीएम मथुरा ने शासन को भेजा था।
शासन ने सीमा विस्तार के साथ बरसाना को पालिका बनाए जाने संबंधी प्रस्ताव पर डीएम से तीन बिंदुओं पर फिर से रिपोर्ट मांगी है। इसमें पूछा है कि यहां स्वास्थ्य, पुलिस, यातायात, सार्वजनिक शौचालय, संचार, डाकघर, बैंक की क्या सुविधाएं हैं।
नगर पालिका के लिए बोर्ड का प्रस्ताव भी मांगा है। साथ ही प्रस्तावित क्षेत्र में कृषि आधारित और गैर कृषि आधारित रोजगार से जुड़े लोगों का डाटा मांगा है। अब इन बिंदुओं पर रिपोर्ट जाने के बाद शासन बरसाना को नगर पालिका बनाने के संबंध में फैसला करेगा।
पालिका में शामिल होंगे ये गांव
जिला प्रशासन ने बरसाना को पालिका बनाने के साथ इसके सीमा विस्तार का भी प्रस्ताव भेजा है। इसमें बरसाना से मानपुर, ऊंचागांव, रूप नगर, चिकसोनी, बरसाना देहात, गाजीपुर, संकेत, ढवाला, खोर गांव को भी जोड़ा गया है।
शासन में उलझा है गोवर्धन का प्रस्ताव
सपा सरकार के कार्यकाल के दौरान गोवर्धन संपूर्ण परिक्रमा मार्ग को एक पालिका में शामिल करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। इसमें गोवर्धन और राधाकुंड नगर पंचायतों के साथ कुछ ग्राम पंचायतों को मिलाकर गोवर्धन को नगर पालिका बनाए जाना था, लेकिन शासन स्तर पर यह प्रस्ताव अभी भी अटका हुआ है।