एटा। मौसम का असर लोगों की सेहत पर असर डाल रहा है। जिले में बीमारियों का कहर बढ़ता जा रहा है। आलम यह है कि जिले में मलेरिया के रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है। जिले में जुलाई महीने में मलेरिया के 39 मरीज सामने आए हैं, जबकि 3361 स्लाइडों की जांच की जा चुकी है। वहीं मलेरिया से निपटने के लिए विभाग ने दौड़ लगानी शुरू कर दी है।
मलेरिया और डेंगू जैसे संक्रामक रोगों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग तेजी से जुटा है। गांवों में फागिंग चल रही है। इसके बाद भी मलेरिया पर लगाम नहीं लग पा रही है। बीते जुलाई महीने में जिले में मलेरिया के 39 रोगी सामने आए हैं।
साथ ही 3361 लोगों की स्लाइड जांच की गई हैं। विभाग का दावा है कि जिले के 407 गांवों में फागिंग की जा चुकी है। जबकि 162 गांवों में फागिंग की तैयारी चल रही है। वहीं शहरी क्षेत्र में अब तक फागिंग शुरू नहीं हो सकी है। नगर पालिका की ओर से सहयोग नहीं मिलने से विभाग ने फागिंग नहीं कराई है।
कैलाश गंज में हुआ लार्वा परीक्षण
मलेरिया विभाग की टीम ने गुरुवार को शहर के कैलाशगंज में लार्वा परीक्षण किया। इस दौरान टीम ने क्षेत्र के घरों के बाहर हुए जलभराव, कूलरों के पानी में लार्वा का परीक्षण किया। साथ ही लोगों को कूलरों का पानी बदलते रहने की सलाह दी। टीम में अजय टैगोर, एनपी सिंह, ओमनाथ यादव मौजूद रहे।
मलेरिया से निपटने के लिए विभाग की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। नगर क्षेत्र में पालिका का सहयोग नहीं मिल पा रहा है। विभाग ने अपने स्तर से कुछ पहल की है।
हर प्रसाद, जिला मलेरिया अधिकारी