आगरा। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के लागू होने के बाद बजट क्लास होटल में रुकना और रेस्टोरेंट में खाना सस्ता हो गया है। सर्विस टैक्स के मुकाबले जीएसटी में कम कर दर के कारण यह कमी आई है। होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को टैक्स दर में कमी के अलावा जो सबसे ज्यादा फायदा हुआ है वह ये है कि अब ग्राहकों को कई तरह के टैक्स पर समझाना नहीं पड़ता। केवल जीएसटी देखकर ग्राहक सवाल नहीं करते। पूर्व में हर राज्य की दर अलग होने के कारण दूसरे राज्यों से आगरा आने वाले ग्राहकों की रेस्टोरेंट संचालकों से तकरार होती थी।
जीएसटी लागू होने के बाद बजट क्लास होटलों को राहत मिल रही है। बजट क्लास होटल में अगर कोई कमरा एक हजार रुपये किराए पर है तो जीएसटी से पहले उसके लिए ग्राहक को 1140 रुपये का भुगतान करना पड़ता था। दरअसल 9 फीसदी सर्विस टैक्स ओर 5 फीसदी लग्जरी टैक्स देना पड़ता था। अब यह दर केवल 12 फीसदी है। इसी तरह रेस्टोरेंट पर एक हजार रुपये का भोजन करने पर टैक्स दर 21 फीसदी थी, लेकिन अब यह दर 18 फीसदी हो गई है। एसी रेस्तरां पर 14.5 फीसदी वैट, कृषि कल्याण सेस और 6 फीसदी सर्विस टैक्स देना पड़ता था।
अब 18 फीसदी दर से एक हजार रुपये पर करीब 30 रुपये का अंतर आ गया है। इसी तरह होटल पर भी टैक्स में प्रति हजार 20 रुपये कम हुए हैं। होटल एंड रेस्टोरेंट ऑनर्स एसो. अध्यक्ष रमेश वाधवा ने बताया कि जयपुर और दिल्ली में आगरा से टैक्स दरें कम थी या करमुक्त थी, इससे टूर आपरेटर और पर्यटक की आगरा में तकरार आम बात थी। उन्हें यह समझाना कठिन था कि आगरा में टैक्स दरें ज्यादा हैं। महासचिव नंदू गुप्ता के मुताबिक बिल में तीन टैक्स की जगह केवल एक ही टैक्स जीएसटी लगने से ग्राहक पूरी गणना खुद ही कर लेते हैं।
बिल पहले अब
होटल 1140 1120
रेस्टोरेंट 1210 1180