वृंदावन। हर वर्ष आयोजित होने वाले वैकुंठ द्वार की झांकी के दर्शन को लालायित भक्तों को ठाकुर राधारमण लाल ने केले के पत्तों, गुलाब, रायबेल और नागचंपा के पुष्पों से बने अलौकिक वैकुंठ द्वार में विराजमान होकर दर्शन दिए।
ग्रीष्म निकुंज सेवा महामहोत्सव में सुबह ठाकुरजी की मंगला आरती, शृंगार आरती और राजभोग आरती की गई। राजभोग आरती की राग सेवा गायक राकेश शर्मा ने की। उन्होंने ‘गोविन्द बोलो हरि गोपाल बोलो, दीनन दु:ख हरण देव, संतन हितकारी...’ आदि सुमधुर भजनों पर प्रस्तुति दी।
शाम को ठाकुर राधारमण लाल का विशेष शृंगार करके अलौकिक वैकुंठ द्वार में विराजमान हुए। वैकुंठ द्वार की झांकी और राधारमण लाल की छवि भक्तों को आकर्षित कर रही थी। शाम को राग सेवा आस्था गोस्वामी ने की।
उन्होंने ‘राधारमण मेरी कुटी में पधारौ री, राधारमण की दीवानी बनी जाऊं जी, राधे राधे राधे गोविन्द राधे, श्रीकृष्ण गोविन्द हरे मुरारी’ आदि भजनों की प्रस्तुति दी।
आचार्य श्रीवत्स गोस्वामी ने बताया कि 25 जून जगन्नाथ रथयात्रा वाले दिन ठाकुर राधारमण लाल भक्तों को स्वर्ण रथ पर विराजमान होकर दर्शन देंगे। स्वागत आचार्य अभिनव गोस्वामी ने किया। शयन आरती सुवर्ण गोस्वामी ने की।