आगरा। कपड़ा व्यापारियों के भारत बंद के समर्थन में ताजनगरी में कपड़े के थोक व्यापारियों ने गुरुवार को अपने प्रतिष्ठान नहीं खोले। दोपहर में कपड़ा व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर संजय प्लेस स्थित केंद्रीय उत्पाद शुल्क, सीमा शुल्क एवं सेवा कर विभाग के आयुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन कर उत्पाद शुल्क आयुक्त को ज्ञापन सौंपा। कपड़ा व्यापारियों ने वस्तु एवं सेवा कर में पंजीकरण न कराने का एलान दोहराया और स्पष्ट किया कि वह जीएसटी के खिलाफ नहीं, बल्कि कर लगाने के तरीके के खिलाफ हैं। व्यापारी की जगह कपड़ा मिल पर ही कर लगा दिया जाए।
आगरा क्लॉथ मर्केंटाइल एसोसिएशन के आह्वान पर कपड़ा व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। उत्पाद शुल्क आयुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन के बाद सौंपे गए ज्ञापन में उत्तर प्रदेश व्यापार संगठन महामंत्री टीएन अग्रवाल ने कहा कि व्यापारी कर देने में पीछे नहीं है, बल्कि इसे लगाने के तरीके का विरोध कर रहा है। थोक और खुदरा व्यापारियों को उनकी बिक्री के मुताबिक निश्चित कर लगाया जाए। कपड़ा व्यापारी तब तक वस्तु एवं सेवा कर में पंजीकरण नहीं कराएंगे, जब तक आल इंडिया टैक्सटाइल्स एसोसिएशन आदेश नहीं दे देती।
ज्ञापन सौंपने वालों में एक्मा अध्यक्ष संजय अग्रवाल, महामंत्री ताराचंद गोयल, महेश खंडेलवाल, बृज किशोर अग्रवाल, विष्णु जैन, मोहन अग्रवाल, अनिल मित्तल, राकेश अग्रवाल, राजीव अग्रवाल, अवध जैन, नरेंद्र अग्रवाल, मनोज भाई, आशीष मुकेश जौहरी, बृज मोहन, संजीव गोयल आदि मौजूद रहे।
हड़ताल से अलग रहे रेडीमेड गारमेंट विक्रेता
कपड़े के थोक व्यापारियों की हड़ताल से इस बार रेडीमेड गारमेंट विक्रेता अलग ही रखे गए। दस जून को आगरा बंद के दौरान खुदरा व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान खोले थे। थोक कपड़ा बाजार से सटे सुभाष बाजार में ही दुकानें खुली थीं, इसलिए इस बार रेडीमेड गारमेंट विक्रेताओं को हड़ताल से अलग रखा गया। यूं भी रेडीमेड गारमेंट पर वैट में भी टैक्स है, ऐसे में उनकी और थोक व्यापारियों की मांगें भी अलग-अलग हैं।