मैनपुरी। शिक्षक और छात्र अनुपात सुधारने के लिए शिक्षा विभाग बड़े पैमाने पर शिक्षकों के समायोजन की तैयारी कर रहा है। इसी के मद्देनजर शिक्षा विभाग की ओर से एक प्रारूप पर खंड शिक्षाधिकारियों से प्रत्येक ब्लाक के स्कूलों की छात्र संख्या और तैनात शिक्षकों की जानकारी जुटा ली गई है। अब किसको कहां भेजना है की सूची तैयार की जा रही है। ऐसे में जिन स्कूलों में बच्चों की संख्या के मुकाबले शिक्षकों की संख्या ज्यादा है, वहां के शिक्षकों का तबादला उन स्कूलों में किया जाएगा जहां शिक्षकों की संख्या कम है।
राइट टू एजूकेशन एक्ट के मुताबिक स्कूल में प्राइमरी में 35 बच्चों पर और जूनियर में 30 बच्चों पर एक शिक्षक तैनात होना चाहिए, लेकिन जिले के कई स्कूलों में स्थिति यह है कि जितने बच्चे पढ़ते हैं उतने ही शिक्षक पढ़ाने वाले हैं। इन स्कूलों में पंजीकरण धीरे-धीरे कम हो गए लेकिन शिक्षक अब भी उन्हीं स्कूलों में पढ़ा रहे हैं। वहीं कई स्कूलों में बच्चों की संख्या ज्यादा है लेकिन शिक्षक एक ही तैनात है। इस अनुपात को बराबर करने के लिए स्कूल में बच्चे और शिक्षकों की संख्या एक प्रारूप पर बीईओ से जुटा ली गई है। अब सूची बनाकर भेजने की तैयारी चल रही है।
सूची बनते ही शिक्षक लगाने लगे चक्कर
मैनपुरी। समायोजन सूची बनने की सूचना पर शिक्षक बीएसए कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। वहीं जो शिक्षक आता है वह अपने मनमुताबिक स्कूल में भेजने की सिफारिश बीएसए से करता है। बीएसए शिक्षकों की बात को अनसुना कर देते हैं।
एक हजार स्कूल एकल शिक्षकों के सहारे
मैनपुरी। विभागीय सूत्रों की मानें तो जिले में एक हजार स्कूल ऐसे हैं जो एक शिक्षकों के सहारे चल रहे हैं। जब शिक्षक को कहीं विभागीय काम जाना पड़ता है तो स्कूल बंद रहता है। वहीं जिले में दो दर्जन स्कूल ऐसे हैं जहां सात से लेकर नौ शिक्षकाें की तैनाती है और बच्चों की संख्या 30 से लेकर 50 तक है।
बीएसए, मैनपुरी रामकरन यादव का कहना है कि खंड शिक्षाधिकारियों से छात्र और शिक्षकों की संख्या की जानकारी ले ली गई है। किसको कहा भेजना है इसकी सूची तैयार की जा रही है। शीघ्र ही समायोजन की प्रक्रिया पूर्ण हो जाएगी।