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क‌िसान - फोटो : अमर उजाला
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कर्ज माफी के बाद भी किसानों को कानूनी नोटिस
पांच हजार किसानों को बैंकों ने भेजा है नोटिस, दंडात्मक कार्रवाई, रिपोर्ट दर्ज कराने की दी गई चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
मथुरा।
एक तरफ सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कर्ज माफी के दायरे में आने वाले किसानों को किसी प्रकार का वसूली नोटिस न देने की बात कह रहे है और दूसरी तरफ बैंक अपने कर्ज की वसूली के लिए किसानों को कानूनी नोटिस दे रही हैं।

गरीब किसानों को जुर्माना लगाने, फौजदारी की धाराओं में केस दर्ज कराने और तहसील में आरसी देने की धमकी दी जा रही है।

सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री ने छोटे सीमांत किसानों के कर्ज माफ करने के आदेश जारी कर दिए थे। मथुरा में ऐसे किसानों की संख्या करीब एक लाख बताई जा रही है। इन किसानों पर करीब 500 करोड़ की धनराशि बकाया है।
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अब संबंधित बैंक इन किसानों को वसूली के लिए नोटिस जारी कर रही हैं। अकेले छाता, कोसी, चौमुंहा में ही एक हजार से अधिक नोटिस भेजे गए हैं। जिले में ये संख्या पांच हजार के करीब बताई जा रही है।


प्रकरण: 1
चौमुंहा निवासी मोहन सिंह को भारतीय स्टेट बैंक के लीगल एडवाइजर की ओर से नोटिस भेजा गया है। मोहन सिंह कर्ज माफी के दायरे में आते हैं। नोटिस में उन्हें ऋण की किस्त अदा न करने पर पेनॉल्टी लगाने की बात कही गई, जिसका ब्याज दो गुना हो जाएगा। इसके साथ ही तय समयावधि में ऋण न देने पर रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही गई है।


प्रकरण:2
गांव बढ़ौता निवासी फतेह सिंह भी इस कर्ज माफी के दायरे में आते है। सरकार ने कर्ज माफी की बात कही तो उन्होंने चैन की सांस ली। लेकिन अब बैंक ने नोटिस जारी कर दिया तो रात की नींद उड़ गई है। खेती में पहले ही नुकसान उठा रहे फतेह सिंह कई बार बैंक जाकर अपने ऋण माफी की जानकारी भी करने गए थे। लेकिन वहां से कोई जवाब नहीं मिला और अब नोटिस जारी कर दिया गया है।
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नोटिस जारी करने करना एक रुटीन प्रक्रिया है। कर्ज माफी वाले किसानों को नोटिस नहीं देना है ऐसे कोई आदेश कार्यालय से नहीं आए हैं। हम किसानों के बीच जाकर शिविर कर उन्हें बता रहे हैं कि जो कर्ज माफ होगा उसे छोड़कर तो किसान अपना ऋण जमा कराकर खाता चालू करवाएं।
नरेश शर्मा, समन्वयक, भारतीय स्टेट बैंक मथुरा
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