सितंबर में स्वैच्छिक आय घोषणा योजना में आगरा में जहां 800 करोड़ रुपये सरेंडर किए गए थे, वहीं 31 मार्च को खत्म हुई प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में महज 125 करोड़ रुपये का काला धन सफेद किया गया। नोटबंदी के बाद छिपे हुए काले धन को सामने लाने के लिए केंद्र सरकार ने तीन महीने की मोहलत दी थी, लेकिन इस योजना को उम्मीद से कम समर्थन मिल पाया। आखिरी दिन भी इस योजना से व्यापारी नहीं जुड़ पाए।
आगरा क्षेत्र में आयकर विभाग ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में रिस्पांस कम मिलते देख फरवरी और मार्च में ताबड़तोड़ सर्वे किए। इस दौरान बीते सप्ताह वेलेंटिनो शूज के मालिक की ह्रदयाघात से मौत भी हो गई। इन सर्वे में विभाग के सामने करीब 40 करोड़ रुपये की अघोषित आय सरेंडर की गई। योजना के तहत कई उद्यमियों ने थोड़ी थोड़ी रकम सरेंडर की है। करीब 50 फीसदी कटौती और 25 फीसदी रकम तीन साल मिलने के प्रावधान के कारण यह योजना सफल नहीं हो पाई। इस योजना के आखिरी आंकड़े आने अभी बाकी हैं।
1400 रिटर्न आखिरी दिन दाखिल
आगरा। इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने के आखिरी दिन संजय प्लेस स्थित आयकर सेवा केंद्र पर 1400 रिटर्न दाखिल किए गए। आखिरी दो दिनों में 2500 से ज्यादा रिटर्न मैनुअल जमा किए गए, हालांकि 95 फीसदी रिटर्न ही ई-फाइलिंग के जरिए किए गए। मैनुअल रिटर्न जमा करने के लिए सेवा के ंद्र पर लोगों की भीड़ लगी रही। आखिरी दिन सर्वर पर भी लोड पड़ने से कुछ देर दिक्कतें रहीं।