हिंदुओं ने चढ़ाए नेजे, मुस्लिमों ने किए भजन-कीर्तन
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जैतपुर कलां में कचौरा रोड स्थित कोलासी माता मंदिर पर शुक्रवार को मेले के दौरान सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल देखने को मिली। मेले में जहां हिंदुओं ने माता को प्रसन्न करने के लिए नेजे चढ़ाए वहीं मुस्लिमों ने भजन-कीर्तन किए। सदियों से माता के मेले में इसी तरह का सांप्रदायिक सौहार्द देखने को मिलता रहा है। इसकी आसपास के इलाके में खासी चर्चा भी रहती है। शुक्रवार को जैतपुर में कचौरा रोड स्थित कोलासी माता के मंदिर पर मेले का आयोजन किया गया था। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता की पूजा करने पहुंचे। दिन भर भक्तों का तांता लगा रहा। मंदिर में जहां हिंदू श्रद्धालुओं ने नेजा चढ़ाकर माता की पूजा की। वहीं, मुसलमान श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन कर माता से मन्नत मांगी। मंदिर में हिंदू और मुसलमान का कोई अंतर देखने को नहीं मिला। नेजा चढ़ाने के बाद देवी जागरण का आयोजन किया गया। इसमें देवी के भजन कीर्तन के साथ ही मुसलिम समुुदाय के लोगों ने हिंदू समुदाय के लोगों के गले मिलकर नवरात्र की शुभ कामनाएं भी दीं। इस दौरान अमित कुशवाह, कुलदीप सिंह भदौरिया, यूनिश खान, झाड़ू खान, शिवा राजावत, अंशुल भदौरिया, रघुवीर, सुरेन्द्र, आशू आदि मौजूद रहे। इन लोगों का कहना है कि सदियों पुरानी परंपरा हैं । यहां मुस्लिमों के त्योहारों पर हिन्दू भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं। ईद पर गले मिलन के लिए ईदगाह पर जाते हैं। उनके घर जाकर भी बधाई देते हैं।