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फर्जी डिग्री से नौकरी करने वाले शिक्षकों की सेवा समाप्त

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फर्जी डिग्री पाकर नौकरी करने वाले 65 शिक्षकों की सेवा विभाग द्वारा समाप्त कर दी गई है। इस संबंध में विभाग ने खंड शिक्षा अधिकारियों को शिक्षकों की सूची सौंप दी है। विभाग की इस कार्यवाही से शिक्षकों में खलबली मच गई है।
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आगरा विश्व विद्यालय से वर्ष 2004-05 की बीएड की फर्जी डिग्री के आधार पर विशिष्ट बीटीसी के तहत नौकरी पाने वाले शिक्षकों की बर्खास्तगी को हाईकोर्ट द्वारा सही ठहरा दिए जाने के बाद विभाग ने 65 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दी। इसी के साथ ही इन शिक्षकों की सूची संबंधित विकास क्षेत्र के खंड शिक्षा अधिकारियों को सौंप दी है। ताकि वे शिक्षकों से सेवा समाप्ति की रिसीविंग प्राप्त कर लें। वहीं खंड शिक्षा अधिकारियों को इन शिक्षकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के आदेश जारी किए गए है। इसके साथ ही विभाग ने इन शिक्षकों के नाम वेतन बिल से भी काटने की तैयारी शुरू कर दी है।
2017 से चल रही थी जांच
शिक्षक भर्ती के फर्जीवाड़े की जांच वर्ष 2017 से चल रही थी। एसआईटी ने जांच के बाद शिक्षा विभाग को सूची भेजी। विभाग ने जिले में तैनात शिक्षकों का मिलान कर लिया लेकिन अभ्यर्थी कोर्ट चले गए। इसके बाद जिला स्तर पर मामला लटक गया। एसआईटी ने वर्ष 2019 में फिर से संशोधित सूची भेजी। इसके बाद सूची में मिलान हो जाने पर विभाग ने अक्तूबर 2019 में 91 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दी थी।
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कोर्ट चले गए थे शिक्षक
फर्जी डिग्री के आधार पर सेेवा समाप्त हो जाने के बाद 91 शिक्षकों ने हाईकोर्ट में रिट दायर कर दी थी। कोर्ट ने इन शिक्षकों की सेवा समाप्ति पर रोक लगा दी। इसके बाद ये शिक्षक जनवरी 2020 में बहाल हो गए और फिर से विभाग में अपनी नौकरी करने लगे थे।
शिक्षकों को अप्रैल से नहीं मिल रहा था वेतन
हाईकोर्ट के आदेेश के बाद जनवरी 2020 में नौकरी पर बहाल हो जाने के बाद 91 शिक्षकों को मात्र तीन माह ही वेतन मिल सका। इसके बाद इनके वेतन आहरण पर अप्रैल 2020 से रोक लगा दी गई थी। इसके बाद से शिक्षक बिना वेतन आहरण के ही अपनी नौकरी कर रहे थे।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद 65 शिक्षकों की बर्खास्तगी कर दी गई है। खंड शिक्षा अधिकारियों को शिक्षकों की सूची सौंप दी है ताकि वे उनसे रिसीविंग प्राप्त कर सकें। । कोर्ट ने शिक्षकों के वेतन की रिकवरी पर रोक लगा रखी है। जिससे अभी रिकवरी की कार्यवाही नहीं होगी। -अंजली अग्रवाल, बेसिक शिक्षा अधिकारी।
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