दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डीवीवीएनएल) के बाबू (टीजी-2) पर लगे आरोपों की जांच पुलिस ने शुरू कर दी है। एसीपी छत्ता पियूष कांत राय शिकायतकर्ता और आरोपी बाबू के बयान दर्ज करेंगे। खातों में हुए लेन-देन की जानकारी भी ली जा रही है। आरोपों की पुष्टि होने पर केस दर्ज किया जाएगा।
विजय प्रकाश व रविंद्र सिंह डीवीवीएनएल की टेस्ट डिवीजन में अधिशासी अभियंता हैं। दोनों ने विश्वास में अपनी विभागीय पोर्टल की आईडी बाबू पवन कुमार को दे रखी थी। पोर्टल में बैंक एकाउंट नंबर आदि दर्ज होते हैं। इसी एकाउंट में वेतन आता है। आरोप है कि पवन कुमार ने सात बैंक एकाउंट उनकी आईडी से बदल दिए।
इनमें से चार खातों में मार्च 2024 से मई 2025 के बीच एरियर और वेतन बढ़ाते हुए 1.18 करोड़ रुपये अपने खातों में ट्रांसफर कर लिए। खुद के साथ ही उसने बाबू पिंकी देवी के खाते में भी 63 लाख रुपये और सफाईकर्मी के खाते में 17 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे। ऑडिट में मामला खुला तो पिंकी और सफाईकर्मी चिंगाराम ने रुपये वापस कर दिए।
बाबू पवन कुमार जमा राशि निकालकर लापता हो गया। मामले में डीसीपी सिटी सोनम कुमार को तहरीर दी गई। इस पर एसीपी छत्ता पियूष कांत राय को जांच के आदेश किए गए हैं। उन्होंने बताया कि साक्ष्य संकलन किया जा रहा है। शिकायतकर्ता और बाबू दोनों के बयान दर्ज किए जाएंगे। धोखाधड़ी से संबंधित मामला है। इसलिए खातों की भी जांच की जाएगी।