गंगा आरती: अद्भुत, अकल्पनीय और अविश्वसनीय
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कासगंज। कछला घाट पर भी काशी और प्रयागराज की झलक दिखाई दी। जैसे ही विद्वानों ने मंत्रोच्चारण के साथ मां गंगा की आरती शुरू हुई वैसे ही घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं ने हर-हर गंगे के जयकारों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। आसमान की ओर लेजर लाइट से बिखरती रोशनी की आभा और घाट पर झिलमिलाती झालरें आकर्षण का केंद्र रहीं। पतित पावनी मां गंगा की महाआरती को देखने भीड़ उमड़ी हुई थी।
मंगलवार की शाम मकर संक्रांति पर्व के मौके पर महाआरती का आयोजन कया गया। महाआरती में बदायूं और कासगंज के हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। प्रशासन द्वारा गंगा घाट पर श्रद्धालुओं के बैठने का इंतजाम किया गया। आरती में शामिल होने के लिए बदायूं के डीएम दिनेश कुमार ने सोरों में भगवान वराह को निमंत्रण पत्र भेजा। शाम होते ही सूरज छिपने लगा और झिलमिल रोशनी से कछला गंगा घाट खूबसूरत बनने लगा। शाम को 6:30 बजे के बाद घाट पर महाआरती शुरू हुई। वेद विद्वानों ने मंत्रोच्चारण के साथ महाआरती प्रारंभ कराई। आरती के दौरान सभी हाथ जोड़कर मां गंगा की स्तुति करने लगे। कछला गंगा घाट पर काशी और प्रयाग की झलक दिखाई दी। अद्भुत नजारे में श्रद्धालु पूरी तरह आस्था में डूबे नजर आए। ब्रज प्रदेश के भाजपा अध्यक्ष रजनीकांत माहेश्वरी, संगठन मंत्री भवानी सिंह, राज्य मंत्री बीएल वर्मा कासगंज के डीमए आरपी सिंह मौजूद रहेे।
घाट से लेकर पुल तक भीड़, रहा जाम
कासगंज। महाआरती के दौरान अद्भुत नजारे को देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी तो कछला गंगा घाट पर बरेली मार्ग की यातायात व्यवस्था चरमरा गई। घाट से लेकर गंगा के पुल के ऊपर तक भीड़ जमा थी। श्रद्धालुओं की गाड़ियां पुल पर ही जहां की तहां खड़ी थीं। ऐसे में कासगंज-बरेली मार्ग पर जाम लग गया। पुलिस ने हस्तक्षेप व्यवस्था सुचारु कराई।
महाआरती के लिए लगे 11 आसन
कासगंज। कछला गंगाघाट पर महाआरती के लिए 11 आसन एवं चौकियां स्थापित की गई थीं जिसमें वेद विद्वानों ने आसन ग्रहण किया और वेद मंत्रों के उच्चारण के साथ मां गंगा की आराधना की।
दीपदान से बढ़ा आकर्षण
कासगंज। झालरों और रंगबिरंगी रोशनी से नजारा पहले ही झिलमिल हो उठा था। गंगा मैया की महाआरती के दौरान श्रद्धालुओं ने हजारों दीप मां गंगा को अर्पित किए। जलते दीपों ने आकर्षण में चार चांद और लगा दिए।