मथुरा। जिला कारागार में सोमवार की देर रात कैंसर पीड़ित बंदी की मौत हो गई। बंदी की बेटी पुलिसकर्मियों और जेल प्रशासन पर लापरवाही करने का आरोप लगा रही है। जबकि जेल प्रशासन बंदी का इलाज कराए जाने का दावा कर रहा है। बंदी 2015 में जानलेवा हमले में जेल भेजा गया था।
अलीगढ़ के गांव गोधा और हाल निवासी वरुण नगर निवासी महेश चंद (54) पुत्र ओमप्रकाश को हाईवे पुलिस ने 29 मई 2015 में जानलेवा हमले में जेल भेजा था। पुलिस की माने तो उस पर चोरी आदि के आठ मामले दर्ज थे। सोमवार की रात ढाई बजे हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले गए। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पिता की मौत पर घर कोहराम मच गया। मृतक की बेटी संगीता ने आरोप लगाया कि उनके पिता ने तीन महीने पहले ही खाना पीना छोड़ दिया था। बावजूद इसके उनके पिता के इलाज में कोताही बरती गई। पुलिस और जेल प्रशासन की लापरवाही से उनके पिता की मौत हुई है।
जेल अधीक्षक शैलेंद्र कुमार मैत्रये ने बताया कि कैंसर से पीड़ित बंदी को छह दिसंबर को लखनऊ में किंग्स जार्ज मेडिकल कॉलेज भेजा गया था। पर कीमोथैरेपी से मना करने पर उसे वापस सात दिसंबर की रात जेल लाया गया। रात ढाई बजे उसने दम तोड़ दिया।