निराश्रित, बेसहारा और घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं को पनाह देने की पहल शासन ने की है। वन स्टॉप सेंटर में पीड़िताओं को सहारा मिलेगा। डीएम ने निरीक्षण कर भवन में व्यवस्थाएं दुरुस्त करा दीं हैं। वहां कंप्यूटर ऑपरेटर सहित स्वास्थ्य विभाग सहित पुलिस की महिला कर्मी तैनात कर दी हैं। शासन ने स्थायीकरण के 48 लाख रुपये स्वीकृत कर दिए हैं।
ऐसी पीड़ित महिलाएं जिन्हें परिजन प्रताड़ित करते हो या उनका कोई सहारा नहीं है उन्हें प्रशासन संरक्षण देेगा। शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने जल्द व्यवस्थाएं जुटाने की तैयारी की हैं। फिलहाल अस्थायी भवन में वन स्टॉप सेंटर की स्थापना कर दी गई है। नावल्टी रोड पर जिस भवन में व्यवस्थाएं दुरुस्त की गईं वहां शुक्रवार सुबह डीएम आरपी सिंह निरीक्षण करने पहुंचे। डीएम ने यहां बारीकी से व्यवस्था परखी और अधीनस्थों को निर्देश दिए। डीएम के निर्देश पर इस भवन में 4 महिला आरक्षी, एक कंप्यूटर ऑपरेटर और 3 नर्सें तैनात की गईं हैं। जिससे किसी भी महिला को यदि कोई समस्या हो तो उसका तुरंत समाधान किया जा सके। इस भवन में स्वास्थ्य पर विशेष बल दिया जाएगा। इधर प्रदेश सरकार ने जिले में स्थायी वन स्टॉप सेंटर बनाने के लिए 48 लाख रुपये की स्वीकृति दे दी है। जिला प्रशासन ने भूमि की तलाश की जा रही है। जिला अस्पताल के समीप देखी गई भूमि पर प्रशासन लगभग सहमत है।
वन स्टॉप सेंटर के लिए स्थान का चयन किया गया है। वहां कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है। पीड़ित महिलाओं को इस सेंटर में पूरा संरक्षण मिलेगा और उनकी मदद की जाएगी। स्थायी सेंटर बनाने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। आरपी सिंह, डीएम।