ब्लॉक और निगम परिसरों में गूंजी शहनाइयां
फिरोजाबाद/नारखी/खैरगढ़। देवोत्थान एकादशी पर आयोजित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में कुल 244 जोडों की शादी कराई। विवाह समारोह में जनप्रतिनिधियों और क्षेत्र के लोगों की भीड़ रही। नारखी व अन्य ब्लॉकों में भीड़ के कारण आपाधापी एवं अव्यवस्थाएं भी देखने को मिली।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत जिले में 244 कन्याओं के हाथ पीले कराए गए। अधिकारियों व जन प्रतिनिधियों की मौजूदगी में सम्पन्न विवाह समारोह मेें शामिल जोड़ों को चांदी के आभूषण एवं घरेलू सामान भेंट किया गया। गणमान्यों ने जोड़ों को नगदी व उपहार दिए।
नारखी में आयोजित विवाह समारोह में दो जोड़ों को नाबालिग बताते हुए कुछ लोगों ने हंगामा खड़ा कर दिया। मौके पर पहुंचे अपर आयुक्त समाज कल्याण अजयवीर सिंह ने मामले की पड़ताल की। शादी समारोह में समाज कल्याण अधिकारी प्रज्ञाशंकर एवं सीवीओ डॉ प्रभंजन शुक्ला, बीडीओ महेश त्रिपाठी सहित कैबिनेट मंत्री की पत्नी मधु बघेल भी मौजूद रहीं।
खैरगढ़ ब्लॉक में आयोजित शादी समारोह 45 जोडे़ परिणय सूत्र में बंधे। इस दौरान एक नेत्रहीन बिटिया शांति पुत्री हरीशंकर निवासी नगला कल्यान के भी हाथ पीले कराए गए। ब्लॉक प्रमुख महेश ठेकेदार एवं रामब्रेश आदि ने कन्याओं के पूजन के साथ ही उन्हें नगदी एवं अन्य उपहार भेंट किए।
फिरोजाबाद ब्लॉक के गांव बैंदी में सामूहिक विवाह समारोह में 19 जोडे़ ने एक-दूसरे के गले में वर माला डाली। जिलाधिकारी नेहा शर्मा एवं मिशन निदेशक स्वच्छ भारत मिशन आकाशदीप ने कन्याओं को उपहार भेंट किए। शादी समारोह में 14 मुस्लिम जोड़ों का निकाह सम्पन्न कराया गया।
नारखी में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में पूनम नामक युवती की शादी होनी थी। पूनम की बारात गांव रैमजा से आनी थी। जानकारी के अनुसार पूनम का दूल्हा शादी समारोह में सम्मिलित नहीं हुआ।
सामूहिक विवाह समारोह में शादी रचाने वाले जोड़ों को शासन की ओर से गैस चूल्हा व छोटा गैस सिलिंडर, वर-वधु के कपडे़, चांदी की पायल व दो जोड़ी बिछिया, स्टील के बर्तन व घरेलू सामान भेंट किया गया।
समारोह में 244 जोड़ों की शादी सम्पन्न कराई गई। जिनमें टूंडला ब्लॉक में 10, नारखी में 35, फिरोजाबाद बैंदी में 19, नगर निगम के पालीवाल हॉल में 20, शिकोहाबाद में 25, मदनपुर में सर्वाधिक 51, अरांव में 12, जसराना में 14, खैरगढ़ में 45 एवं एका में 13 जोड़ों ने एक-दूसरे का साथ निभाने का संकल्प लिया।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह में शादी रचाने वाले जोड़ों ने एक-दूसरे के गले में जयमाला डाल कर शादी की रस्म अदा की। शादी पंडाल में प्रशासन की ओर से हवन-यज्ञ व फेरों की व्यवस्था नहीं की गई।