फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उसायनी चौराहे पर हर वक्त मंडराता है हादसे का खतरा

विज्ञापन
विज्ञापन
फिरोजाबाद। जिले में हादसों का दूसरा बड़ा स्थान उसायनी चौराहा बन गया। सिक्सलेन का ओवरब्रिज बनने के कारण हालात यह हैं कि कौन सा वाहन किससे टकरा जाए कुछ पता नहीं चलता। रास्ता संकरा होने के कारण गाड़ी टकराने का डर तो रहता है। ट्रैफिक के जवान यहां पूरे दिन मुस्तैद रहते हैं। लेकिन धूल उडने के कारण काफी दिक्कत का ही इन्हें सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन


शहर की ओर दिन में भारी वाहनों की नोएंट्री यहीं से होती है। बाजार की ओर तो हल्के वाहनों के आने की अनुमति रहती है। भारी वाहनों को बंबा बाईपास से निकाला जाता है। इसके कारण चौराहे पर तैनात रहने वाले सिपाहियों की जिम्मेदारी अधिक है। इस चौराहे पर जाम जैसे हालात पूरे दिन बने रहते हैं। सिक्स लेन का ओवरब्रिज बनने के कारण बंबा बाईपास से आने वाले वाहनों को निकलने का रास्ता काफी संकरा हो गया, ये वाहन दूसरी ओर मुड़ जाते हैं। यही हाल आगरा से आने वाले वाहनों का होता है। क्योंकि ओवरब्रिज बनाने के कारण यह रोड काफी संकरा हो गया।

शाम के वक्त धूल के उडने के कारण वाहन एवं पैदल चलने वाले यात्री दिखाई ही नहीं देते हैं। इधर बाजार की ओर जाएं या फिर हाइवे को लेकर वाहनों की गतिधीमी होते ही टक्कर होने की संभावना रहती है।
विज्ञापन


उसायनी चौराहे पर धूल इतनी अधिक उड़ती है कि चौराहे पर तैनात रहने वाले ट्रैफिक पुलिस के जवानों को मुंह पर मास्क लगाकर ड्यूटी करने को विवश हैं। सिक्सलेन के लिए बन रहे ओवरब्रिज का काम चलने के कारण पूरे दिन धूल के गुबार उड़ते रहते हैं। वाहनों की तेज रफ्तार के साथ ही धूल उडने के कारण भी दिक्कत होती है।इसके कारण वे मास्क लगाते हैं।

नगला हंसी निवासी राजपाल का कहना है कि चौराहे पर ट्रैफिक प्रणाली एक्सप्रेस वे का ओवरब्रिज बनने के बाद ही सुधर सकता है। चौराहे का चौड़ीकरण हुआ लेकिन हादसे की संभावना हमेशा बनी रहती है। संकेतांकों को लगाने का स्थान तक नहीं है।

चंद्रमोहन चक्रवर्ती ने कहा पुलिस प्रशासन को चाहिए कि वह ओवरब्रिज का निर्माण चलने के कारण सुधार की दृष्टि से कुछ उपकरण लगवाने चाहिए। ताकि चौराहे पर जाम के जो हालात बनते हैं उसमें सुधार हो सके।

पचवान निवासी गुड्डू भाई ने कहा कि ट्रैफिक सुधारने को पुलिस की कार्यप्रणाली को सुधारने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि चौराहे पर वाहन तेज रफ्तार से निकलते हैं मामूली रूप से यदि कोई चूक जाए तो हादसा हो जाता है। पहले से वाहनों की गति धीमी करानी चाहिए।

राजा का ताल निवासी वरुण यादव ने कहा ट्रैफिक प्रणाली उसायनी चौराहे की सिक्सलेन का काम तेजी से होने के ही बाद ही सुधार दिखाई देगा।नो एट्री की व्यवस्था नगला भाऊ चौराहे से होनी चाहिए। ताकि औद्योगिक क्षेत्र के लोगों को राहत मिल सके।
उसायनी चौराहे की ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने का काम काफी तेजी से चल रहा है। ओवरब्रिज बनने के साथ धूल से राहत मिलने के साथ वाहनों का आवागमन की व्यवस्था सुधर जाएगी। ट्रैफिक बूथ एवं संकेतांक लगवाने का काम किया जाएगा।
विज्ञापन

देवेंद्र शंकर पांडेय, प्रभारी टीएसआई
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें