मथुरा। धौलीप्याऊ के उप डाकघर में बचत खातों में जमा होने वाली धनराशि के तहत एजेंटों के कमीशन को खातों में न डालकर घोटाला करने का मामला सामने आया है। यहां एजेंटों द्वारा ऑपरेट होने वाले खातों को जहां डाककर्मी खुद ही ऑपरेट करते रहे वहीं, अब इस मामले में 35 लाख रुपये के लेनदेन को लेकर जांच की जा रही है।
धौलीप्याऊ स्थित उप डाकघर में 600 से अधिक आरडी खाते हैं। ज्यादातर खाते डाक एजेंटों द्वारा ऑपरेट होते हैं। आरोप है कि उप डाकघर में सात साल में तैनात रहे पोस्टमास्टरों ने एजेंटों द्वारा ऑपरेट होने वाले खातों को लिंक कर गलत तरीके से उन्हें खुद ही ऑपरेट करना शुरू कर दिया। इसमें डाककर्मी पैसे जमा करने की रसीद व मुहर लगाकर तो देते रहे लेकिन उनके खाते को एजेंट द्वारा ऑपरेट न दिखाकर खुद के द्वारा ऑपरेट करना दिखा दिया।
उधर, छह माह नए पोस्टमास्टर द्वारा एजेंटों को खाते ऑपरेट करने को दिए गए तो खाते नहीं खुले और उनका कमीशन भी उनके खातों में नहीं था। इसकी शिकायत जब एजेंटों ने की तो मामले की जांच शुरू की गई। महिला एजेंट प्रियंका गोयल की शिकायत पर चल रही जांच में अब इस तरह के खातों में 35 लाख रुपये का लेनदेन प्रकाश में आया है।
प्रवर डाक अधीक्षक उमराव सिंह ने बताया कि धौलीप्याऊ उप डाकघर में एजेंटों द्वारा चलवाए जा रहे खातों को लिंक कर डाककर्मियों द्वारा ऑपरेट करने का मामला प्रकाश में आया है। इंस्पेक्टर नेत्रपाल इसकी जांच कर रहे हैं। सभी खाताधारकों का पैसा सुरक्षित हैं। इसे लेकर नोटिस दिए जा रहे हैं।
समय अवधि खत्म होने के बाद पहुंच रहे नोटिस
मथुरा। धौलीप्याऊ डाकघर में आरडी के खाताधारकों को बुलाने और खाता ऑपरेट कराने आदि के लेकर डाककर्मियों द्वारा नोटिस दिए जा रहे हैं। इसमें खाताधारकों को 10 दिन के अंदर आने को कहा जा रहा है लेकिन नोटिस तय अवधि निकल जाने के बाद लोगों को मिल रहे हैं। लोगों का कहना है कि मामले को दबाने के लिए यह हथकंडा अपनाया जा रहा है।