कासगंज। ‘नाम बड़े और दर्शन छोटे’ यह कहावत शासन की निशुल्क पाठ्य पुस्तक वितरण योजना पर चरितार्थ साबित हो रही है। शिक्षा सत्र के छह माह से अधिक का समय बीतने के बाद भी बच्चों के हाथों में सभी विषयों की पाठ्य पुस्तकें नहीं है। हालांकि अक्तूबर माह में परिषदीय विद्यालयों में अर्धवार्षिक परीक्षा होनी हैं।
शासन से सभी परिषदीय प्राथमिक उच्च प्राथमिक, सहायता प्राप्त उच्च प्राथमिक, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, माध्यमिक शासकीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों के कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को निशुल्क पाठ्य पुस्तक उपलब्ध कराई जाती है। जनपद के 1503 विद्यालयों में 144848 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। अप्रैल माह में शुरू हुए शिक्षा सत्र में सितंबर माह तक का समय बीत चुका है लेकिन जुलाई माह में जाकर आधी पाठ्य पुस्तकों की आपूर्ति हो सकी है। शुरू के तीन माह बच्चों ने बिना पाठ्य पुस्तक ही अपनी पढ़ाई की।
प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्तर पर सभी विषयों की पुस्तक अभी तक नहीं आ सकी हैं। प्राथमिक स्तर पर सबसे खराब हालात कक्षा पांच के हैं। कक्षा में छह विषयों में से हिंदी, गणित, परख तीन विषय की किताबें अभी तक नहीं आ सकी हैं। इसी प्रकार कक्षा छह में अंग्रेजी, इतिहास, भूगोल, कृषि चार विषय की किताब नहीं आई हैं।
विद्यालयों में होने वाला पुस्तक वितरण
विद्यालय का स्तर विद्यालयों की संख्या छात्र संख्या
परिषदीय प्राथमिक 997 103070
परिषदीय उच्च प्राथ्मिक 437 27307
उच्च प्राथमिक सहायता प्राप्त 31 4693
कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय 8 800
शासकीय माध्यमिक 2 887
सहायता प्राप्त माध्यमिक 28 8091
जिन विषयों की पाठ्यपुस्तकें अभी तक प्राप्त नहीं हो सकी हैं उनकी मांग भेजी जा चुकी है। पुस्तकें उपलब्ध होते ही उनका वितरण करा दिया जाएगा। अंजली अग्रवाल बेसिक शिक्षा अधिकारी