कासगंज।
गंगा का जलस्तर घटने से बाढ़ की आशंका तो टल गई है, लेकिन बाढ़ प्रभावित इलाकों में बादलों को देखकर किसानों की चिंता बड़ी हुई है। क्योंकि तमाम ग्रामीण इलाकों में खेतों में भरा पानी अभी पूरी तरह से नहीं निकल पाया है। ऐसी स्थिति में तेज बारिश की आशंका देखते हुए किसान चिंतित हैं। बारिश होने की स्थिति में बाढ़ प्रभावित इलाकों में और समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
गंगा नदी में रविवार को 15 सेंटीमीटर जलस्तर और घट गया। गंगा का जलस्तर 163.05 के निशान पर था। नरौरा से पानी का डिस्चार्ज 84683 क्यूसेक पर था। वहीं बिजनौर बैराज से 54430 क्यूसेक एवं हरिद्वार से 51217 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज बना हुआ था। जिले में रविवार को साधारण फ्लड के हालात ही रहे। बाढ़ का खतरा टल जाने से किसान राहत में हैं, लेकिन वे किसान चिंतित हैं जिनके खेतों से अभी बाढ़ के पानी की निकासी नहीं हो पा रही।
किसान खेतों से पानी निकालने की कोशिशों में जुटे हैं। अभी खेतों में भरे पानी का भी जलस्तर कम हो गया है, लेकिन खेतों को पूरी तरह से राहत अभी तक नहीं मिली है। वहीं मौसम के तेवर बिगड़े हुए हैं। आसमान में छाए काले बादलों को देखकर किसानों की धड़कनें इस बात को लेकर बड़ी है कि बाढ़ का पानी तो खेतों से नहीं निकल पाया। ऐसे में तेज बारिश हुई तो खेतों में और पानी बढ़ जाएगा। सहायक बाढ़ प्रभावी एके सिंह ने बताया कि बाढ़ का खतरा टल गया है। जलस्तर में गिरावट दर्ज की जा रही है। किसी तरह की कोई समस्या नहीं है।