एटा। जिले के 86 हजार घरों को रोशन करना विद्युत निगम के लिए चुनौती साबित हो रहा है। अब महीने पहले शुरू हुई योजना के तहत अब तक महज 16158 कनेक्शन ही दिए जा सके हैं। जबकि शेष बचे तीन महीने में 86 हजार कनेक्शन बांटने का लक्ष्य विद्युत निगम को दिया गया है। ऐसे में विभागीय अफसरों की चिंता बढ़ी हुई है।
पिछले साल अक्तूबर महीने में विद्युत निगम ने हर घर को बिजली आपूर्ति देने के लिए सौभाग्य योजना की शुरुआत की थी। योजना के तहत गरीबों को मुफ्त बिजली कनेक्शन देने के साथ केबिल, लाइट, बोर्ड और एमसीबी समेत अन्य सामान दिया जाना था। भारत सरकार ने प्रत्येक घर को कनेक्शन देने का जिम्मा एक निजी फर्म को दिया था। निजी फर्म ने अब तक महज 16158 परिवारों को ही विद्युत कनेक्शन का लाभ दिया है। जबकि 86 हजार परिवार आज भी अंधेरे में जिंदगी गुजारने को मजबूर है। सूत्रों का दावा है कि निजी फर्म ने जिले के नि:शुल्क कनेक्शन वितरण के लिए टीमों की संख्या में कटौती कर दी है। इसके साथ ही विभाग के कर्मचारी भी कनेक्शन वितरण प्रक्रिया में शामिल किए गए हैं। इसके बाद भी लक्ष्य पूर्ति करना विभाग के लिए चुुनौती साबित हो रहा है।
60 कनेक्शन हो रहे वितरित
जिले में विद्युत निगम को अक्तूबर 2017 तक सभी घरों को रोशन करना है। 86 हजार परिवारों को कनेक्शन देने लिए विभाग को हर दिन 948 कनेक्शन देने होंगे। जबकि मौजूदा दौर में महज 60 कनेक्शन दिए जा रहे हैं।
निजी फर्म को अक्टूबर 2018 तक लक्ष्य पूरा करना है। वह किस तरह से पूरा करेगी। यह उसका काम है। सौभाग्य योजना के कनेक्शन हम लोगों द्वारा नहीं करने है।
एके सिंह, अधिशासी अभियंता, ग्रामीण