फीरोजाबाद। सावन माह का आज पहला सोमवार है। पहले सोमवार को शहर के प्रमुख शिवालयों में भगवान शिव के दर्शन और पूजा अर्चना के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ेगा। भक्तजन भोलेनाथ का दुग्धाभिषेक और जलाभिषेक करेंगे। मंदिरों में भव्य बंगला के दर्शन होंगे। रविवार को शहर के प्रमुख मंदिरों में साफ सफाई और अन्य तैयारियां चलती रहीं।
सावन माह का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। सावन महीने में भगवान शिव अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं। भगवान शिव का रुद्राभिषेक करने से पद, प्रतिष्ठा, ऐश्वर्य मिलता है। सुहागनगरी में कल से श्रावण मास शुरू हो रहा है। इसके लिए रविवार से शिवालयों में तैयारियां शुरू हो गईं। मंदिरों को साफ-सफाई के साथ रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया जा रहा था। मंदिर के महंत श्रावण मास में आने वाले भक्तों की भीड़ देखते हुए मंदिरों में व्यवस्था दुरुस्त कराने में जुटे रहे।
शहर के गोपाल आश्रम सहित मोहल्ला दुली सिद्धेश्वनाथ महादेव मंदिर, गल्ला मंडी स्थित श्री रामेश्वर नाथ महादेव मंदिर, पंचमुखी महादेव मंदिर, पैमेश्वर गेट स्थित महादेव मंदिर, गोपाल आश्रम सहित अन्य मंदिरों में श्रावण मास की तैयारियां होती रहीं। गल्ला मंडी स्थिति श्री पंचमुखी महादेव मंदिर के पास गंदगी के ढेर लगे थे। नगर निगम की लापरवाही से शिवभक्तों को गंदगी से होकर मंदिरों में दर्शन को जाना होगा।
गल्ला मंडी स्थित श्री रामेश्वरनाथ मंदिर शहर के प्राचीन मंदिरों में गिना जाता है। श्री रामेश्वरनाथ महादेव के मंदिरों में दूर से भक्त आते हैं। सावन में मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ भोलेनाथ के दर्शनों को उमड़ती है। मंदिर के महंत आचार्य पंडित अनंत अनूप शास्त्री बताते हैं कि यह मंदिर लगभग 300 साल से अधिक पुराना है। वह बताते हैं कि श्री रामेश्वरनाथ महादेव मंदिर की मान्यता है कि जो भक्त पूरी श्रद्धा एवं भक्ति के साथ भोलेनाथ के पास लगातार 41 दिन तक दीपक जलता है। भोलेनाथ मनोकामनाएं पूरी करते हैं। शिवरात्रि के दिन मंदिर के आसपास नाग-नागिन के दर्शन होते हैं। भगवान श्रीराम का राजतिलक होने से मंदिर से श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी है।