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गंगा: कटान का खतरा बढने के आसार, सिंचाई विभाग सतर्क

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ganga
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कासगंज।
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गंगा नदी के जलस्तर में अब वृद्धि होने लगी है। मंगलवार को 4 घंटे में 30 सेंटीमीटर गंगा का जलस्तर बढ़ा। हालांकि इस जलस्तर में वृद्धि से किसी भी तरह से बाढ़ का खतरा नहीं है। केवल कटान की आशंका बढ़ी है। ऐसे में सिंचाई विभाग बढ़े हुए जलस्तर के कारण सतर्क हो गया है। अधिशासी अभियंता सहित अन्य सिंचाई विभाग के अभियंताओं ने कादरगंज इलाके में तटबंधों का निरीक्षण किया है।
जिले में नरौरा की ओर से पानी का डिस्चार्ज बढ़ा दिया गया है। सुबह 8 बजे नरौरा से पानी का डिस्चार्ज 15830 क्यूसेक था जो दोपहर 12 बजे बढ़कर 22817 क्यूसेक हो गया। शाम 4 बजे यही डिस्चार्ज बढ़कर 32760 क्यूसेक हो गया। 12 बजे कछला पर जलस्तर 161.70 मीटर के निशान पर था। जबकि शाम 4 बजे कछला पर जलस्तर 162 मीटर के निशान पर जा पहुंचा।
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गुरुवार को यह जलस्तर और बढ़ सकता है। क्योंकि बिजनौर बांध से लगातार पानी का दबाव नरौरा की ओर बढ़ रहा है। हालांकि अभी बाढ़ का कोई खतरा नहीं है क्योंकि 30 हजार क्यूसेक से 1 लाख क्यूसेक तक साधारण बाढ़ का मानक है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता कमलेश कुमार, सहायक अभियंता एमसी श्रीवास्तव, सहायक बाढ़ प्रभारी एके सिंह, जूनियर इंजीनियर गिर्राज सिंह एवं पंजाबी शर्मा ने कादरगंज इलाके में निर्माणाधीन तटबंधों और गंगा कटान के हालातों का जायजा लिया।
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- गंगा के जलस्तर में वृद्ध हुई है, लेकिन यह वृद्धि अस्थायी है। दो दिन तक बढ़े हुए जलस्तर का दबाव रहेगा। इसके बाद यह यदि हरिद्वार से पानी का डिस्चार्ज बढ़ा तभी यहां प्रभाव जलस्तर में आगामी समय में वृद्धि रहेगी। कादरगंज पर तटबंध बनाने का काम चल रहा है। किसी भी अप्रिय स्थिति की संभावना नहीं है- कमलेश कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता सिंचाई।
बाढ़ का मानक-
नो फ्लड- तीस हजार क्यूसेक तक।
साधारण फ्लड- तीस हजार से एक लाख क्यूसेक तक।
लो फ्लड- एक लाख से डेढ़ लाख क्यूसेक तक।
मीडियम फ्लड- डेढ़ लाख से ढाई लाख क्यूसेक तक।
डेंजर फ्लड- ढाई लाख से तीन लाख क्यूसेक तक।
हाई फ्लड- तीन लाख क्यूसेक से अधिक।
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