नौहझील (मथुरा)। अलीगढ़ के युवक की हत्या करके शव को नौहझील में फेंका गया। 13 जून की शाम बहन को नौहझील के गांव जरैलिया छोड़ने के लिए निकला युवक घर नहीं लौटा। नौहझील-बजाना मार्ग से 150 मीटर हटकर मुजम्मिल के खेत में मिले शव को जंगली जानवरों ने भी नोंच खाया।
अलीगढ़ के थाना खैर की सिरिया की गढ़ी निवासी राजेंद्र (40) पुत्र फतेह सिंह खेती के अलावा किसानों से धान और गेहूं खरीदकर दिल्ली की नरेला मंडी में बेचा करता था। बुधवार की शाम बहन को छोड़ने के लिए नौहझील के जरैलिया के लिए चला युवक घर नहीं लौटा। शनिवार की सुबह नौहझील-बजाना मार्ग पर 150 मीटर दूर मुजम्मिल के खेत में उसका शव मिला।
सूचना पर पहुंची नौहझील पुलिस को कुछ ही दूरी पर मृतक की बाइक खड़ी मिली और मोबाइल पैंट की जेब में मिला। परिजनों को सूचित किया तो घर में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। प्रभारी निरीक्षक दुर्गेश कुमार ने बताया कि शव तीन दिन पुराना प्रतीत हो रहा है। उसके शव को जंगली जानवरों ने नोंचा भी है। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत का कारण ज्ञात हो सकेगा।
राजेंद्र की अंतिम बार 14 जून को बेटे से हुई बात
नौहझील। 13 जून को बहन को छोड़ने के लिए निकला राजेंद्र घर नहीं लौटा। राजेंद्र रात में बहन के पास भी नहीं रुका और न ही घर पहुंचा। इतना जरूर है कि 14 जून को सुबह 8:30 बजे राजेंद्र की अपने 12 साल के बेटे से मोबाइल पर बात हुई। उसके बाद राजेंद्र का मोबाइल बंद हो गया। फिर राजेंद्र का सुराग नहीं लग सका। इस बीच परिजनों ने उसकी खूब तलाश की। शनिवार को शव मिलने पर घर में कोहराम मच गया।
गला घोंटकर तो नहीं मारा गया राजेंद्र को
नौहझील। पुलिस की मानें तो तीन दिन पुराना शव होने के चलते फूल गया था। काले पड़े शव पर चोट के निशान सही तरीके से दिख नहीं रहे थे। संभावना जताई जा रही है कि गला घोंटकर राजेंद्र को मौत के घाट उतारा गया हो। सिर और शरीर में चोटों के निशान हत्या की तरफ इशारा कर रहे हैं।