मैनपुरी। जिले में एक बार फिर स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खुल गई है। कहीं एंबुलेंस नहीं तो कहीं अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन और दवाएं ही नहीं मिल रही हैं। इससे मरीजों को अपने जान तक गंवाने पड़ रहे हैं। समय से इंजेक्शन नहीं लगने के कारण गुरुवार को भोगांव क्षेत्र के गांव पढ़ीना निवासी किशोरी की मौत हो गई। बेटी की मौत के बाद से पूरे परिवार स्वास्थ्य विभाग को कोस रहा है।
थाना भोगांव क्षेत्र के गांव पढ़ीना निवासी प्रमोद कुमार की 14 वर्षीय पुत्री साधना को डेढ़ महीना पहले पागल कुत्ते ने गर्दन में काट लिया था। परिजनों ने सीएचसी भोगांव पहुंचकर उसको पहला इंजेक्शन समय से लगवाया, लेकिन दूसरा इंजेक्शन लगवाने के लिए जब तीन दिन बाद परिजन पहुंचे तो इंजेक्शन न होने की बात कहते हुए वापस कर दिया गया। दूसरा इंजेक्शन साधना को 10 दिन के अंतराल से लगाया गया।
तीसरे इंजेक्शन के लिए फिर से परिजन अस्पताल पहुंचे तो कह दिया गया कि अब इंजेक्शन हैं ही नहीं। प्रमोद कई बार अपनी पुत्री को लेकर सीएचसी भोगांव पहुंचा, लेकिन पुत्री को एंटी रैबीज वैक्सीन का तीसरा इंजेक्शन नहीं लग सका। गुरुवार की सुबह अचानक साधना की हालत बिगड़ गई। परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां गंभीर हालत देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे आगरा के लिए रेफर कर दिया। आगरा ले जाते समय रास्ते में साधना ने दम तोड़ दिया। साधना की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।