फिरोजाबाद/शिकोहाबाद। विधायक हरिओम यादव और उनके बेटे पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विजय प्रताप छोटू के खिलाफ दर्ज कराए गए जानलेवा हमले के मामले में न्यायालय से जारी हुए वारंट तामील कराने पुलिस फोर्स विधायक के आवास पर पहुंचा। विधायक की तलाश क्षेत्र में की गई।
जानलेवा हमले के मामले में पिछले दिनों दोनों के खिलाफ न्यायालय द्वारा गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे। बुधवार शाम पांच बजे के करीब एसपी ग्रामीण महेंद्र सिंह के नेतृत्व में सीओ समेत कई थानों का फोर्स उनके आवास पर पहुंचा और पिता-पुत्र की तलाश की। इसके बाद फोर्स ने उनके गांव गढ़सान में भी जाकर दबिश दी। लेकिन विधायक और उनके बेटे घर पर नहीं मिले।
एसपी ग्रामीण ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर वर्ष 2015 में राजीव यादव उर्फ बाले ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विजय प्रताप यादव को आरोपी बनाया था, जबकि विधायक सिरसागंज को षणयंत्र में शामिल होना दिखाया था। इसी मामले में न्यायालय ने वारंट जारी किए हैं। उनके आवास और गांव में दबिश दी गई, लेकिन मौके पर नहीं मिले।
सिरसागंज विधायक हरिओम यादव ने पुलिस कार्रवाई को राजनीतिक विद्वेष बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 में पूर्व मंत्री जयवीर सिंह के करीबी ने अपने ताऊ के ऊपर हमला किया था। जिसमें उनकी ही पार्टी के कुछ नेताओं की संलिप्तता के कारण मेरे (हरिओम यादव) और विजय प्रताप यादव के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया था। हारे हुए प्रत्याशी जयवीर सिंह सत्ता में भाजपा की सरकार होने का लाभ उठा कर इस तरह के हथकंडे अपना रहे हैं।
उनकी और उनके बेटे की हत्या कराने के लिए पंजाब से शार्प शूटर भी बुलाया गया था। जिला पंचायत के चुनाव भी होने हैं। उनकी हिस्ट्रीसीट खुलवाई गई। जनता और न्यायालय पर पूरा विश्वास है। इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई हो चुकी है। आदेश सुरक्षित हो चुका है। न्यायालय जैसा आदेश करेगा उसका सम्मान करेंगे।