मथुरा। अति कुपोषित बच्चों का इलाज कर कुपोषण मिटाने को सरकारी मशीनरी ही उदासीन बनी हुई है। अति कुपोषित बच्चों में कुपोषण मिटाने को बनाई गई यूनिट पांच माह से खाली पड़ी है। पांच माह से यूनिट में आंगनबाड़ी व आशा कार्यकत्रियों ने एक भी कुपोषित बच्चे को भर्ती नहीं कराया है।
जनपद में नवजात से लेकर पांच साल तक के दो लाख 88 हजार बच्चों में 18 हजार से अधिक बच्चे अति कुपोषित की श्रेणी में हैं। कुपोषण से चिंताजनक हालात में पहुंचे बच्चों को स्वस्थ करने के लिए राज्य पोषण मिशन योजना के तहत बच्चों को फूड सप्लीमेंट देकर भर्ती करने की व्यवस्था है।
भर्ती होने वाले बच्चे को दवाइयां व पूरा इलाज मुफ्त है। इसके लिए वृंदावन स्थित सौ शैया अस्पताल में 10 बेड की यूनिट है लेकिन पांच माह से इस यूनिट में एक भी बच्चा भर्ती नहीं कराया गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हड़ताल और आशा कार्यकर्ताओं की लापरवाही से अति कुपोषित बच्चों को लाभ नहीं मिल पा रहा है।
इस मामले से राज्य पोषण मिशन के लोगों ने सीडीओ को अवगत कराया। सीडीओ पवन कुमार गंगवार ने इस मामले में जिला कार्यक्रम अधिकारी से जवाब मांगा है। साथ ही अति कुपोषित बच्चों के भर्ती कराकर स्वास्थ्य लाभ दिलाने को कहा।