मैनपुरी। श्री रामलीला कमेटी की ओर से चल रही रामलीला के दौरान रविवार को मंच पर श्रीराम की शरणागत विभीषण लीला का आयोजन किया गया। रामलीला का सजीव मंचन देखकर श्रद्धालु मोहित हो उठे।
रामलीला के दसवें दिन श्री बजरंग विजय आदर्श रामलीला मधुबनी बिहार की रामलीला कंपनी के कलाकारों ने मंचन किया। इस दौरान सीता के हरण के संबध में सुनकर विभीषण ने रावण के दरबार में पहुंचकर समझाया कि श्रीराम भगवान विष्णु और माता सीता लक्ष्मी के अवतार हैं। इनसे यु़द्ध करके पार नहीं पा सकते हो।
आप हम संभी लंकावासियों की इसी में भलाई है कि सीता माता को ससम्मान प्रभु राम को दे दिया जाए। विभीषण की इन बातों को सुनकर रावण को क्रोध आ गया और उसने विभीषण को लात मारकर लंका से निकाल दिया। विभीषण लंका से निकलकर राम के पास पहुंचे और आपबीती बताई तो प्रभु श्रीराम ने विभीषण को शरण में ले लिया।
रामलीला का शुभारंभ अध्यक्ष धर्मेंद्र वर्मा उर्फ धम्मा ने देवस्वरूप राम, लक्ष्मण तथा सीता की आरती उतार कर किया गया। इस अवसर पर रामलीला कंपनी निर्देशक रामभरोस झा, भानुप्रकाश वर्मा, मनोज गुप्ता, प्रखर दुबे, संजू गुप्ता, डाक्टर रहूफ खां, सतीश बाबा,सत्यप्रकाश गुप्ता, राजू गुप्ता, कमलेश गुप्ता रहे।