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आज मुंडन कराएंगे मुड़िया संत

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गोवर्धन (मथुरा)। चकलेश्वर की भजन कुटीर शुक्रवार को झांझ-मजीरों, ढोल-मृदंग करताल से झंकृत होगी। चैतन्य महाप्रभु एवं श्रीपाद सनातन गोस्वामी की भजन स्थली पर मुड़िया शोभायात्रा से पहले अधिवास कार्यक्रम होगा। शुक्रवार सात जुलाई को मुड़िया संतों का मुंडन होगा। मुड़िया शोभायात्रा नौ जुलाई को निकाली जाएगी।
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चैतन्य महाप्रभु मंदिर के महंत गोपाल दास ने बताया कि सात जुलाई को अधिवास महोत्सव के साथ मुड़िया शोभायात्रा महोत्सव का आगाज हो जाएगा। पांच सौ साल पुरानी परंपरा में सनातन दास गोस्वामी महाराज की स्मृति में उनके अनुयायी शुक्रवार को दोपहर एक बजे मुंडन कराएंगे। शाम को अधिवास कार्यक्रम होगा। शुभ अधिवास कार्यक्रम में ठाकुरजी का परंपरागत शैली में शृंगार होगा। इसमें ठाकुरजी को लता-पताकाओं, इलायची, तुलसी दल आदि की मालाओं से सुसज्जित किया जाएगा।


दो दिवसीय अखंडनाम संकीर्तन के बाद नौ जुलाई को शाम 5 बजे मानसी गंगा तट से शुरू होकर साधु-संत, देशी-विदेशों भक्तों के साथ परिक्रमा लगाएंगे। महोत्सव में राधाकुंड की श्रीपाद् रघुनाथ दास गद्दी के महंत प्रतिनिधि बाबा केशव दास के निर्देशन में ध्वजा, पताका, निशान आएंगे।
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वहीं चकलेश्वर की दूसरी मुड़िया शोभायात्रा की तैयारी महंत रामकृष्ण दास के निर्देशन में पूरी हो चुकी हैं। चकलेश्वर के श्रीराधा-श्याम सुंदर मंदिर पर अनुयायी शुक्रवार को मुंडन कराएंगे। मुड़िया शोभायात्रा, अधिवास कार्यक्रम, अखंडनाम संकीर्तन के लिए गौड़ीय संप्रदाय के साधु-संत राधाकुंड, वृंदावन और बरसाना से आ रहे हैं। चकलेश्वर पर भजन कुटीर और आश्रमों में रौनक बनी हुई है।

गिरिराज के जयकारों से गूंजी तलहटी
मुड़िया पूर्णिमा मेला के तीसरे दिन तक लाखों श्रद्धालु गिरिराज महाराज की परिक्रमा लगाकर वापिस लौट गए हैं। गिरिराज महाराज की तलहटी राधा-कृष्ण के संकीर्तन और गिरिराज के जयकारों से गूंज उठी। गुरुवार को दिन में सूरज के तेवर तीखे थे। लेकिन तपती धरती और प्रचंड गर्मी भी श्रद्धालुओं के कदमों को थामने में असफल रही। शाम होते ही भीड़ का रेला मथुरा मार्ग पर रोडवेज बसों से उतरकर गोवर्धन आ रहा है। डीग रोड, सौंख रोड व बरसाना रोड से पार्किंग स्थलों से दो-दो किलोमीटर दूर ही श्रद्धालु वाहनों से उतरकर पैदल ही गोवर्धन पहुंचे और परिक्रमा शुरू की।
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