एटा। प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद समाजवादी पेंशन अफसरशाही में उलझकर रह गई है। सरकार ने योजना के लाभार्थियों के सत्यापन के निर्देश दिए हैं। जबकि अब तक निर्देशोें केे अनुरूप सत्यापन का महज 50 फीसद काम पूरा हो सका है। आधार कार्ड नहीं देने वाले लाभार्थियों की पेंशन पहले से रूकी है। ऐसे में जिले के 41 हजार लाभार्थियों की परेशानी बढ़ गई है।
वित्तीय वर्ष 2016-17 में जिन लाभार्थियों के खातों में पेंशन राशि पहुंच चुकी थी, अब वही महिलाएं बैंक और समाज कल्याण विभाग कार्यालय के चक्कर काट रही हैं। सत्यापन प्रक्रिया और आधार कार्ड जमा न होने से लगभग 50 फीसदी महिलाओं की पेंशन रुक गई है। आलम यह है कि महिलाएं चक्कर काटते-काटते थक चुकी हैं, लेकिन सत्यापन का काम पूरा नहीं हो रहा है।
जनपद में वर्ष 2014-15 में 22641, वर्ष 2015-16 में 32088 और वर्ष 2016-17 में 41117 लाभार्थियों की पेंशन स्वीकृत की गई थी। तब अधिकांश खातों में पूरे साल की पेंशन यानी छह हजार रुपये भेज दिए गए थे। बाद में भी किस्तें आती रहीं, लेकिन आधार कार्ड का नंबर अनिवार्य करने से योजना की प्रगति पर ब्रेक लग गए। इसके बाद योगी सरकार बनी तो योजना के लाभार्थियों के सत्यापन के निर्देश आ गए, इससे पेंशन रुक गई। निराशा की बात यह है कि समस्याओं का निराकरण नहीं हो रहा है। सत्यापन न होने के चलते जिले के 41 हजार लाभार्थियोें की पेंशन बीते छह महीने से रूकी है। पेंशन रुकने से लाभार्थियों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है।
अंगदपुर की सोनी, बेरनी की भगवान देवी, पिलुआ की सोमेश देवी कहती हैं कि सात-आठ माह से पेंशन नहीं मिली है। आधार कार्ड जमा कराने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो सका है। अब अधिकारी कह रहे हैं कि सत्यापन का काम चलने के कारण पेंशन रोकी गई है। इससे काफी दिक्कत हो रही है।
समाजवादी पेंशन योजना को लेकर सत्यापन का काम चल रहा है। 50 फीसदी से अधिक काम पूरा हो चुका हैै। सरकार के निर्देश मिलते ही धनराशि लाभार्थियों के खातों में भेज दी जाएगी।
टीएन तिवारी, समाज कल्याण अधिकारी