एटा। अमांपुर मार्ग स्थित जिरस्मी नहर में रविवार देर रात दो बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई, जिसमें साले की मौत हो गई जबकि जीजा घायल समेत चार घायल हो गए। घायलों को देर रात जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिला अस्पताल इमरजेंसी से शव को पीएम हाउस में रखने पर भड़के परिवारीजनों ने पीएम हाउस से निकालने का प्रयास किया और विरोध पर कर्मचारियों ने अभद्रता कर पथराव और तोड़फोड़ कर दी। भीड़ ने एंबुलेंस और शव वाहन पर पथराव का शीशे तोड़ दिए। गुस्साई भीड़ ने शव पीएम हाउस से निकाल कर हाईवे पर रख जाम लगा दिया।
मोहल्ला रैवाड़ी निवासी गौरव (23) पुत्र महेंद्र सिंह अपने दिल्ली निवासी बहनोई सुनील और दोस्त मोहित, अभिषेक और निक्की निवासी जाटवपुरा के साथ दो बाइकों पर सवार होकर थाना अतरंजी खेेड़ा स्थित प्राचीन मंदिर पर दर्शन करने रविवार शाम गए थे। देर रात लौटते वक्त दोनाें बाइक अनियंत्रित होकर जिरस्मी नहर में जा गिर गईं। बाइक गिरते ही स्थानीय लोगों ने सभी को नहर से निकाला और जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां चिकित्सकोें ने गौरव को मृत घोषित कर दिया।
परिवारीजनों के नहीं पहुंचने पर शव इमरजेंसी से निकाल कर पोस्टमार्टम हाउस में रख दिया। इसी बीच हादसे की खबर सुन कर परिवारीजनों के साथ भीड़ जिला अस्पताल पहुंच गई। अस्पताल पहुंचे लोगाें ने सूचना दिए बिना शव पीएम हाउस में रखने पर हंगामा शुरू कर दिया। भीड़ ने पीएम हाउस से शव निकालने की कोशिश की तो पीएम हाउस के स्टाफ के विरोध पर गुस्साई भीड़ ने अभद्रता कर दी।
पीएम हाउस का गेट तोड़ते हुए पथराव कर दिया। आक्रोशित भीड़ ने जिला अस्पताल में एंबुलेंस और शव वाहन पर पथराव कर शीशे तोड़ दिए। भीड़ ने शव पीएम हाउस से निकाल कर हाईवे पर रख कर जाम लगाते हुए हंगामा कर दिया। पुलिस ने आक्रोशित लोगों को समझाकर जाम खुलवाया और शव पीएम हाउस में रखवाया। पथराव, हाईवे जाम, तोड़फोड़ के कारण जिला अस्पताल में दो घंटे तक चिकित्सकों, मरीजों और तीमारदारों में अफरातफरी का माहौल रहा।
इकलौते बेटे की हुई मौत से सदमे में परिवार
जिरस्मी नहर में गिरी बाइक गिरने से हादसे का शिकार गौरव परिवार का इकलौता चिराग था। हादसे में चिराग हमेशा के लिए बुझने से पूरा परिवार सदमे में डूबा हुआ है। परिजनों ने बताया कि महेंद्र सिंह के दो बेटे राहुल और गौरव थे। राहुल की दस साल पहले सड़क हादसे में मौत होने के बाद गौरव इकलौता बचा था।
सिपाही के सहारे चल रही पुलिस चौकी
एटा। जिला अस्पताल में आए दिन होने वाले उपद्रव को काबू में करने के लिए अस्पताल में पुलिस चौकी बनाई गई। लेकिन रात और दिन केवल एक सिपाही तैनात रहता है। जबकि चौकी पर तैनात दो एसआई गायब रहते हैं। रविवार रात यदि पुलिस बल मौजूद होता तो पथराव, हंगामा, अभद्रता, हाईवे जाम जैसी घटना नहीं होती।
पीएम अधूरा छोड़ भागे चिकित्सक और चपरासी
रविवार रात गौरव की मौत के बाद शव पीएम हाउस से निकालने का विरोध करने पर भीड़ ने स्टाफ के साथ अभद्रता के बाद पीएम हाउस पर पथराव और तोड़फोड़ कर दी। उस वक्त चपरासी, चिकित्सक, फार्मासिस्ट शव का पीएम कर रहे थे, लेकिन भीड़ का आक्रोश देख पीएम हाउस का चिकित्सक समेत पूरा स्टाफ शव का पोस्टमार्स्टम छोड़ कर पीएम हाउस से भाग निकले।