आगरा। आगरा से राजस्थान के बांदीकुई के बीच की सिंगल रेल लाइन का दोहरीकरण करने के लिए करीब 610 पेड़ों को काटा जाना है। इन्हें काटने के लिए रेलवे ने वन विभाग से अनुमति मांगी है। इस पर सुप्रीम कोर्ट के अधीन काम करने वाली सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार करने में जुटी है। सुप्रीम अनुमति मिलने के बाद पेड़ों को काटने का काम शुरू किया जाएगा।
रेलवे 150 किलोमीटर लंबी आगरा फोर्ट-बांदीकुई रेल लाइन का दोहरीकरण करा रहा है। 2018-2019 में स्वीकृत प्रोजेक्ट का पिछले साल फरवरी महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल शिलान्यास किया था। मई 2026 तक 1389 करोड़ रुपये की लागत से रेल लाइन बिछाने के साथ रूट का विद्युतीकरण भी किया जाएगा।
साथ ही आगरा मंडल में अमृत स्टेशन योजना के तहत 15 स्टेशनों का उच्चीकरण और विकास किया जाना है। रेलवे ने काम शुरू किया लेकिन हरे पेड़ काम में रोड़ा बन गए। इस पर पेड़ वाले क्षेत्रों को छोड़कर अन्य जगह काम आगे बढ़ा दिया गया। इस बीच रेलवे ने पेड़ काटने की अनुमति मांगी।
पिछले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट की सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी के सदस्यों ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ रूट का निरीक्षण किया था। उस स्थान को भी देखा जहां रेलवे पेड़ काटने से पहले 10 गुना पौधे लगाएगा। कमेटी अपनी रिपोर्ट तैयार कर सुप्रीम कोर्ट में सौंपने जा रही है। रिपोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट पेड़ काटने के काम पर निर्णय सुनाएगा।
ट्रेनों की संख्या और रफ्तार बढ़ेगी
फोर्ट-बांदीकुई के बीच अभी सिंगल लाइन पर ही ट्रेनों का संचालन होता है। दोहरीकरण के बाद आगरा से जयपुर और अजमेर तक ट्रेनों की गति बढ़ेगी। साथ ही ट्रेनों की संख्या बढ़ने से यात्रियों को बहुत फायदा होगा।