रेंसमवेयर वायरस के डर से जिले भर के एटीएम बंद रहे। बैंकों ने सर्वर से ही एटीएम की कनेक्टिविटी बंद कर दी। जिन एटीएम में नगदी नहीं थी, उनमें सोमवार को लोड नहीं की गई। साइबर हमले के डर से बैंकों ने रविवार को ब्रांच खोलकर एंटी वायरस अपडेट किए। स्टेट बैंक समेत कुछ बैंको ने अपने नए सिक्योरिटी फीचर वाले एटीएम चालू रखे, लेकिन सोमवार को एहतियात के तौर पर इन्हें भी बंद कर दिया गया।
100 देशों पर हुए साइबर हमले के डर से बैकिंग सिस्टम सोमवार को बुरी तरह से प्रभावित रहा। आगरा में रेंसमवेयर वायरस के डर के कारण एटीएम चालू ही नहीं किए गए। सीबीएस से जुड़े होने के कारण जिले में 486 बैंक शाखाओं के कंप्यूटर सिस्टम में रविवार को एंटी वायरस अपडेट किया गया। कुछ शाखाओं में यह काम चल रहा है।
विंडोज एक्सपी प्लेटफार्म पर चल रहे एटीएम को बंद करने के कारण खाताधारक परेशान रहे। नगदी के संकट के कारण खाताधारक कई जगह एटीएम तलाशते रहे, लेकिन हर एटीएम बंद ही मिला। ट्रांसयमुना हो या सिकंदरा, संजय प्लेस हो या पश्चिमपुरी, सदर हो या फतेहाबाद रोड सभी जगहों के एटीएम में कैश नहीं का बोर्ड लगा दिया गया। सोमवार को भी बैंकों में सुबह 8 बजे ही बैंक कर्मी पहुंच गए थे और सिस्टम चेक किया।
लीड बैंक मैनेजर पंकज सक्सेना ने बताया कि रेंसमवेयर वायरस के डर से एटीएम बंद हैं। बैकिंग नेटवर्क हालांकि पूरी तरह से सुरक्षित है, लेकिन शाखाओं और एटीएम को सावधानी बरतते हुए एंटी वायरस से अपडेट किया जा रहा है। ग्राहकों को कुछ परेशानी हुई है, पर इस खतरे से भी निपटना है।
सॉफ्टवेयर अपडेशन के बाद ही शुरू करें एटीएमः रिजर्व बैंक
भारतीय रिजर्व बैंक
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रैंसमवेयर वायरस के डर से बैंकों ने रविवार को ब्रांच खोली और सिस्टम में एंटी वायरस अपडेट किया। बैंक अधिकारियों की सबसे बड़ी परेशानी ये थी कि बैंकों के कंप्यूटर भी इस वायरस के शिकार न हो जाएं। रविवार को पूरे दिन ब्रांच में एंटी वायरस अपडेट किया गया। सोमवार को जब ब्रांच से लेन-देन शुरू हुआ तो बैंक कर्मियों को चैन आया।
बिना एंटी वायरस के चल रहे एटीएम अगर कनेक्ट हुए तो वायरस एटीएम के जरिए बैंकिंग नेटवर्क को अपना शिकार बना सकता है। स्टेट बैंक ने भी अपने कई एटीएम को अपडेट किया है। वहीं रिजर्व बैंक आफ इंडिया ने भी बैंकों को सावधान बरतने की एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि जिन एटीएम नेटवर्क के साफ्टवेयर अपडेट हो चुके हैं, उन्हें ही चालू किया जाए।
दिक्कत ये है कि बैंकों द्वारा ब्रांच में भेजे जा रहे ई-मेल भी वायरस के डर से मैनेजर नहीं खोल रहे। कुछ बैंकों को छोड़कर अधिकांश बैंकों का नेटवर्क विंडो एक्सपी पर ही है, जो इस मालवेयर से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। अधिकांश एटीएम भी इसी विंडो प्लेटफार्म पर चल रहे हैं।