आगरा। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दूसरे चरण में प्रशासन की सख्ती के बावजूद 5,300 मतदाता नोटिस की तामील होने पर भी सुनवाई के लिए उपस्थित नहीं हुए। साक्ष्य प्रस्तुत न करने के कारण अब इन मतदाताओं के नाम 10 अप्रैल को प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची से हटा दिए जाएंगे। सूची से नाम कटने के बाद ये मतदाता 2027 चुनाव में मतदान नहीं कर सकेंगे।
आगरा के नौ विधानसभा क्षेत्रों में कुल 36 लाख मतदाता थे। सघन पुनरीक्षण के बाद बड़े पैमाने पर छटनी की गई। पहले चरण में कुल 8.36 लाख मतदाताओं के नाम काटे जा चुके हैं। जांच के दौरान ये मतदाता या तो अनुपस्थित मिले या फिर मृतक, स्थानांतरित और डुप्लीकेट श्रेणी में पाए गए थे। इनके अलावा जिले के 7.64 लाख मतदाता ऐसे थे, जिनका विवरण वर्ष 2003 के रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रहा था।
सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों ने इन सभी संदिग्ध मतदाताओं को नोटिस जारी कर साक्ष्यों के साथ व्यक्तिगत सुनवाई के लिए बुलाया था। उप जिला निर्वाचन अधिकारी यमुनाधर चौहान ने बताया कि 5,300 मतदाताओं ने नोटिस मिलने के बाद भी न तो कोई साक्ष्य प्रस्तुत किया और न ही वे सुनवाई के लिए उपस्थित हुए। उनके द्वारा कोई वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण नियमानुसार उनके नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। 10 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया जाएगा।