एटा। नगर पालिका क्षेत्र में आठ नलकूप लंबे समय से खराब पड़े हैं, इनकी मरम्मत कराने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। यहां से मंजूरी भी मिल के साथ धनराशि भी आवंटित हो गई। लेकिन विभागीय उदासीनता के चलते लोगों को अभी भी दिक्कत उठानी पड़ रही है।
एक दशक पहले नगर पालिका क्षेत्र में लगाए गए नलकूप, समय से पहले खराब होने पर सवाल उठते रहे हैं। तकनीकी खराबी के कारण इन नलकूपों से आज तक शहर की जनता केो पीने के लिए पानी नहीं मिल पाया। इन नलकूपों को जल निगम की ओर से ही तैयार किया गया था। नगर पालिका और जल निगम एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप तो लगाते रहे, लेकिन इसका हल नहीं निकल सका। पिछले वर्ष जल निगम ने शासन को प्रस्ताव भेजकर खराब नलकूपों की मरम्मत करने की मंजूरी भी ले ली थी। सरकार ने 11 करोड़ के लगभग धनराशि भी आवंटित कर दी, लेकिन जल निगम के अधिकारियों की उदासीनता के चलते नलकूपों की मरम्मत समय पर नहीं हो सकी। अब गर्मी शुरू हो गई है। जल निगम के अधिकारी काम शुरू होने की बात कह रहे हैं लेकिन यह कार्य कब पूरा होगा इसके बारे में किसी को भी नहीं मालूम है।
खराब नलकूपों की मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया गया है। इसके बाद कनेक्शन ओर पानी सप्लाई की लाइन डाली जाएगी। चुनाव बाद तक नलकूपों के चालू होने की उम्मीद है।
अविनेंद्र सिंह भाटी, अधिशासी अभियंता, जल निगम