पटियाली। थाना अध्यक्ष कोर्ट के आदेश की अवमानना में फंस गए है। फतेहगढ़ कोर्ट में उनके खिलाफ प्रकीर्णवाद दर्ज कर सम्मन जारी किया गया है। कोर्ट ने थाना प्रभारी को 20 अप्रैल को पेश होने के आदेश जारी किए हैं।
फतेहगढ़ के मोहल्ला बजाजा बाजार निवासी राशिद अली ने पटियाली के मोहल्ला काजी निवासी पूर्व चेयरमैन आबाद हुसैन व उनके पुत्रों के ख़िलाफ जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोपियों के कोर्ट में पेश न होने पर आरोपियों के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी कर पटियाली थाना भेजे गए। पटियाली पुलिस ने वारंट तामिल नहीं कराए। कोर्ट के आदेश का पालन न करने पर कोर्ट ने 16 मार्च को पाटियाली थानाध्यक्ष के खिलाफ नोटिस जारी कर 30 मार्च को कोर्ट में पेश होकर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया, लेकिन थानाध्यक्ष न तो कोर्ट में उपस्थित हुए और न ही कोई आख्या दी। इसके बाद बादी के अधिवक्ता दीपक द्विवेदी ने कोर्ट में एक प्रार्थना पत्र दिया। जिसमें थानाध्यक्ष पर कोर्ट की अवमानना करने का आरोप लगाया गया। प्रार्थनापत्र की सुनवाई के बाद अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने थाना प्रभारी को कोर्ट की अवमानना का दोषी मानते हुए उनके खिलाफ प्रकीर्णवाद दायर कर सम्मन जारी किया है। जानलेवा हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी को गैर जमानती वारंट तामिल कराने के लिए पुलिस महानिरीक्षक को पत्र लिखा है। पत्रावली पर सुनवाई के लिए 20 अप्रेल की तारीख लगाई गई है। थाना प्रभारी ने बताया कि वर्ष 2017 का मामाला है। एक आरोपी शब्बू को गिरफ़्तार करके न्यायालय में पेश कर दिया गया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। बाकी के आरोपियों की तलाश शेष आरोपियों की तलाश की जारही है। एसपी अशोक कुमार शुक्ला का कहना है कि उन्होंने थाना प्रभारी को कोर्ट में पेश होने के लिए अवकाश स्वीकृत किया था। वे किन परिस्थितियों में कोर्ट में हाजिर नहीं हुए इस बारे में कहा नहीं जा सकता।