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लखनऊ ने भी वापस कर दिए कार में जले मिले दोनों शव

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डैमो
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मथुरा। बरसाना-छाता मार्ग पर गांव श्रीनगर के पास ईको में मिले शव लखनऊ से बिना पोस्टमार्टम के लिए लौटा दिए गए हैं। बरसाना पुलिस बुधवार की देररात शवों को लेकर मथुरा पहुंची। चार दिनों से दोनों शवों का पोस्टमार्टम न होने से कुंवरपाल और लेखन के परिजन इधर-उधर भटकते हुए परेशान हो गए हैं।             
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सात फरवरी को बरसाना-छाता मार्ग पर गांव श्रीनगर के पास ईको में बुरी तरह से जले शव मिलने से सनसनी फैल गई थी। सनसनीखेज वारदात के खुलासे में जुटी पुलिस को 10 फरवरी को लालाराम के थाने पहुंचने पर दोनों शवों की गुत्थी सुलझने पर राहत मिली। लालाराम ने लेखन और कुंवरपाल को ईको में जलाकर मारना स्वीकारा।

बावजूद पुलिस दोनों शवों का पोस्टमार्टम और डीएनए कराने में जुटी। 10 फरवरी को पलवल के मंडकौला से लेखन और कुंवरपाल के परिजन पोस्टमार्टम गृह पर पहुंचे, पर पोस्टमार्टम न होने पर परिजन बैरंग लौट गए। इसके बाद लगातार पलवल से मथुरा तक पोस्टमार्टम के लिए आते रहे, पर बरसाना पुलिस पोस्टमार्टम कराने में नाकाम ही रही।
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12 फरवरी को दोनों के शव लखनऊ फारेंसिक लैब भेजे गए, पर यहां पर भी पोस्टमार्टम नहीं हो सका। बुधवार की देररात दोनों शवों को लेकर पुलिस मथुरा आ गई। एसपी देहात आदित्य शुक्ला ने बताया कि लखनऊ फारेंसिक लैब में  शवों का पोस्टमार्टम नहीं हो सका है। संभवत: लखनऊ या फिर अन्य कहीं भी दोनों शवों का बिसरा भिजवाया जाएगा। इससे डीएनए सैंपल भी लिए जाएंगे।             

चार दिन में बरसाना पुलिस नहीं करा सकी पोस्टमार्टम
मथुरा। सात फरवरी से लेकर 13 फरवरी बीत गई, पर बरसाना पुलिस पोस्टमार्टम कराने में नाकाम रही। कुंवरपाल और लेखन के परिजन काफी परेशान है। लेखन के भाई अजित की माने तो शवों को लेकर इधर-उधर भटक रहे हैं। पोस्टमार्टम नहीं हो पा रहा है। गांव में परिवार परेशान हैं। अंतिम संस्कार की व्यवस्थाएं धरी रह चुकी हैं। आखिरकार पोस्टमार्टम हो जाए तो वह शवों का अंतिम संस्कार कर सकें।             

बरसाना पुलिस ने दर्ज नहीं किया हत्या का मुकदमा
मथुरा। कुंवरपाल और लेखन को हत्या के लिए अगवा करने का मुकदमा पलवल के थाना हथीन में दर्ज हो चुका है। अब सवाल खड़ा होता है कि हत्या का मुकदमा थाना बरसाना में दर्ज होगा या नहीं। बरसाना पुलिस यह मानकर चल रही है कि हथीन पुलिस अगवा के मुकदमें को हत्या में तरमीम कर लेगी। अब देखना यह है कि अगर हथीन पुलिस ऐसा नहीं करती है तो बरसाना पुलिस को हत्या का मुकदमा दर्ज करना पड़ेगा।             

सरेंडर करने वाले लालाराम से क्या पूछताछ कर रही पुलिस
मथुरा। 10 फरवरी को थाने में आकर सरेंडर करने वाले लालाराम की बरसाना पुलिस ने अभी तक गिरफ्तारी नहीं दिखाई। पुलिस सूत्रों की माने तो रोहताश भी पुलिस की गिरफ्त में है। पर बरसाना पुलिस अभी तक उसे छुपा रही है। अब देखना यह है कि बरसाना पुलिस इन दोनों की गिरफ्तारी कब दिखाएगी।  
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