एटा। स्वास्थ्य महकमा में हो रहे कारनामों की गूंज शासन तक पहुंच चुकी है। इसकी जांच करने के निर्देेश मिलने के बाद एडी और जेडी स्वास्थ्य अलीगढ़ संयुक्त रूप से सीएमओ कार्यालय पहुंचे। जिन्होंने पत्रावलियों को तलब करते हुए जांच की। मरीज का पर्चा फाड़ने के मामले में चिकित्सक के बयान भी दर्ज किए गए।
अपर निदेशक डा. एसएल सारस्वत और ज्वाइंट निदेशक डा. ललित कुमार गुरुवार को सीएमओ कार्यालय पहुंचे। अपर निदेशक ने एक कर्मचारी का जीपीएफ रोकने की शिकायत की पत्रावली की जांच की, जिसमें शिकायत का आधार और जीपीएफ नहीं देने पर कर्मचारियों के पेंच कसे। दोनों अधिकारियों ने नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. शमशाद अनवर द्वारा पिछले महीने मरीज का सरकारी पर्चा फाड़ने की जांच की और डाक्टर को तलब करते हुए बयान दर्ज किए। इसके साथ ही जिला महिला चिकित्सालय में तैनात एक महिला चिकित्सक की फाइल भी खंगाली गई। इतना नहीं अधिकारियों और कर्मचारियों के पेंच भी कसे गए हैं।
मीजल्स रूबेला का भी लिया संज्ञान
मीजल्स रूबेला टीकाकरण अभियान की भी समीक्षा की गई। जिसमें अब तक 65 फीसदी के करीब हुए टीकाकरण के बारे में जानकारी दी गई। इसके साथ ही जिला स्तर पर तीन अधिकारियों की कमेटी द्वारा की जा रही जांच का भी संज्ञान लिया गया। जिसमें बड़े स्तर पर सरकारी धन का गबन होने की संभावना जताई। अपर निदेशक को मीजल्स रूबेला के सामान खरीद की जो कहानी बताई गई वह हजम करने योग्य नहीं निकली। जिसकी रिपोर्ट भी शासन को भेजी जाएगी।
डा. शमशाद अनवर की पहले भी हो चुकी है जांच
एडी और जेडी द्वारा नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. शमशाद अनवर के खिलाफ की गई शिकायतों की पहले भी जांच हो चुकी है। उनको सीएमओ दफ्तर में पहले से ही बचाया जा चुका है। मगर इस बार मंडल स्तर पर जांच की जा रही है।
शासन स्तर पर कई शिकायतें दर्ज कराई गई हैं, जिनकी जांच के निर्देश मिले थे। जिनको लेकर सीएमओ दफ्तर में जांच की गई है। जिसमें एक कर्मचारी का जीपीएफ रोकने, डा. शमशाद अनवर द्वारा मरीज का पर्चा फाड़ने और जिला महिला अस्पताल की एक महिला चिकित्सक की पत्रावलियों की जांच की गई है।
डा. एसएल सारस्वत, अपर निदेशक स्वास्थ्य अलीगढ़