कासगंज।
जेल चिकित्सक और जेल अधीक्षक के बीच हुआ विवाद तूल पकड़ता जा रहा है। जेल के अधिकारियों ने शासन को पत्र भेज दिया है। डीआईजी जेल ने फोन पर जेल अधीक्षक से प्रकरण की जानकारी ली है। वह जल्द ही जेल के आकस्मिक निरीक्षण को पहुंच सकते हैं। सोमवार को डीएम द्वारा गठित की गई जांच समिति भी जांच को जेल पहुंचेगी। इस बीच जेल से गैर हाजिर चल रहे चिकित्सक ड्यूटी पर पहुंच गए हैं।
जेल अधीक्षक लक्ष्मीनरायन दोहरे एवं चिकित्सक डा. विनोद कुमार शर्मा के बीच अधिकारों को लेकर जंग छिड़ी हुई है। चिकित्सक पर आरोप है कि वह नियमविरूद्ध जेल में मोबाइल रखने की जिद पर अड़े हैं। जबकि जेल अधीक्षक पर चिकित्सक ने मानसिक शोषण का आरोप लगाया है। इस प्रकरण में जांच के लिए डीएम ने पुलिस प्रशासन व चिकित्सा विभाग की टीम गठित की है।
टीम की जांच शुरू भी नहीं हुई है कि मामले में एक ओर मोड़ आ रहा है। इस प्रकरण में जांच के लिए जेल के उच्चाधिकारी गंभीर हुए हैं। जेल अधीक्षक ने शासन स्तर तक मामले की जानकारी दी है। शासन इस प्रकरण में काफी गंभीर हुआ है।
लखनऊ से आईजी जेल ने डीआईजी जेल बीके शेखर को प्रकरण की विस्तृत जानकारी करने के निर्देश दिए। इस पर रविवार को डीआईजी जेल आगरा रेंज ने जेल अधीक्षक से फोन पर विस्तृत जानकारी ली। डीआईजी कभी भी जेल के आकस्मि निरीक्षण को पहुंच सकते हैं। इधर जिद पर अड़े चिकित्सक रविवार से फॉर्मासिस्ट के साथ काम पर लौट गए।
- चिकित्सक की जिद है कि उन्हें जेल के अंदर मोबाइल लाने की अनुमति दी जाए
जो संभव नहीं है। चिकित्सक चाहें तो अधीक्षक कार्यालय में अपना मोबाइल रख सकते हैं। आकस्मिक कॉल आने पर उन्हें जानकारी दी जाएगी, हालांकि चिकित्सक ड्यूटी कर रहे हैं- आरके सिंह, जेलर।
- चिकित्सक और जेल अधीक्षक के बीच विवाद की जांच शुरू की जाएगी। सोमवार को मामले में विस्तृत जानकारी करेंगे। जो भी नियम संगत होगा उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। दोनों पक्षों को सुना जाएगा- योगेंद्र कुमार, एडीएम/ जांच अधिकारी।
- अधीक्षक द्वारा महानिरीक्षक जेल और मुझे जानकारी दी गई। मैंने फोन पर पूरी बात सुनी। चिकित्सक की यह जिद गलत है कि वह जेल में मोबाइल प्रयोग करें। यह किसी हाल में संभव नहीं है। निरीक्षण कर जेल की व्यवस्थाएं शीघ्र देखेंगे- बीके शेखर, डीआईजी जेल, आगरा रेंज।