कासगंज। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम कृपाशंकर शर्मा के न्यायालय ने नावालिग छात्रा को अगवा करके दुष्कर्म के एक आरोपी का सात साल की सजा सुनाई है। आरोपी पर 50 हजार का जुर्माना भी लगाया है। जबकि शेष चारों आरोपियों को दोष सिद्व न होने पर बरी कर दिया गया।
15 वर्षीय छात्रा 27 अक्तूबर 2013 को दवा लेने के लिए बाजार गई। इसी बीच गांव के ही नीरज, अर्जन, सुनील, कल्लू व शांति उसे बहला फुसला कर अगवा कर ले गए। छात्रा की मां ने पांचों आरोपियों को नामजद करते हुए कोतवाली में मामला दर्ज कराया। पुलिस ने छात्रा को बरामद कर लिया। पुलिस ने छात्रा का चिकित्सीय परीक्षण कराया।
पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल कुमार ने अभियोजन पक्ष की ओर से मामले की पैरवी की। उनकी बचाव पक्ष से जिरह हुई। न्यायालय ने एक आरोपी नीरज को छात्रा को अगवा कर दुष्कर्म करने का दोषी पाया। इसके बाद न्यायालय ने धारा 376 में आरोपी को 7 साल की सजा व 35 हजार का जुर्माना, धारा 366 में 5 साल की सजा व 10 हजार रुपये जुर्माना, धारा 366 में 3 साल की सजा व 5 हजार का जुर्माना लगाया। जबकि शेष चारों आरोपियों के दोष सिद्व न होने पर बरी कर दिया गया।