मथुरा। यमुना का जल स्तर धीमी रफ्तार से बढ़ते हुए अब खतरे के निशान के निकट जा पहुंचा है। प्रयागघाट पर खतरे का निशान अब सिर्फ 30 सेंटीमीटर नीचे है। विश्रामघाट पर यमुना जल ने आरती स्थल को छू लिया है। संभावना जताई जा रही है शुक्रवार को जल स्तर में नरमी देखने को मिलेगी।
पिछले 24 घंटे से यमुना के जल में धीमी रफ्तार से वृद्धि का दौर जारी है। गुरुवार को भी यमुना जल की यह रफ्तार एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की वृद्धि के साथ जारी रही। प्रात: छह बजे प्रयागघाट पर यमुना का जल स्तर 165.65 मीटर पर था, जो दोपहर 12 बजे बढ़कर 165.70 मीटर पर पहुंच गया। दो बजे यह आंकड़ा खतरे के निशान से सिर्फ 30 सेंटीमीटर नीचे रह गया।
इसका असर गोकुल बैराज पर भी साफ नजर आया। आगरा के लिए पानी का डिस्चार्ज 77 हजार क्यूसेक को पार कर गया। इससे गोकुल बैराज पर जल स्तर 164.20 मीटर दर्ज हुआ है। सिंचाई अधिकारियों का मानना है कि मध्य रात्रि तक पानी में वृद्धि के बाद शुक्रवार को जल स्तर में नरमी का रुख देखने को मिलेेगा। इसके बाद शनिवार शाम के बाद पानी के घटने की भी संभावना है। पिछले तीन दिन से ताजेवाला और ओखला से भी बहुत कम मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है।