मथुरा। सांसद हेमामालिनी की निधि से कार्यदायी संस्था आरईएस ने घटिया फर्नीचर सात परिषदीय विद्यालयों में खपा दिया। डीआरडीए के इंजीनियर की जांच पड़ताल मेें सांसद निधि से खरीदे गए फर्नीचर की गुणवत्ता घटिया निकली है। इसकी रिपोर्ट सीडीओ को दे दी गई।
सांसद हेमामालिनी ने महानगर क्षेत्र के सात परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को बैठने के लिए फर्नीचर की पहल की थी। इसके लिए घीयामंडी में एक ही परिसर स्थित पांच परिषदीय विद्यालयों को 2.5 लाख रुपये आवंटित किए गए। प्रत्येक विद्यालय में 50 हजार रुपये का फर्नीचर उपलब्ध कराना था। इसमें प्राथमिक विद्यालय सरोजनी नायडू कन्या पाठशाला, विवेकानंद प्राथमिक पाठशाला, गांधी आश्रम कन्या पाठशाला, सेवा समिति कन्या प्राथमिक पाठशाला, घीयामंडी प्राथमिक पाठशाला शामिल हैं। इसके अलावा बाढ़पुरा के एक ही परिसर स्थित दो विद्यालयों के लिए 2.5 लाख रुपए आवंटित किया। यहां 1.25-1.25 लाख रुपये का फर्नीचर खरीदना था।
सांसद निधि के लिए निर्धारित कार्यदायी संस्था आरईएस ने उपरोक्त राशि का उपयोग करते हुए फर्नीचर उपलब्ध करा दिया। विद्यालयों में पहुंचा फर्नीचर पुराना प्रतीत होने पर क्षेत्रीय पार्षद नीलम गोयल ने सांसद प्रतिनिधि को इससे अवगत कराया। मौका मुआयना के बाद सांसद प्रतिनिधि जनार्दन शर्मा ने इसकी शिकायत आरईएस के एक्सईएन से की। इससे डीएम को भी अवगत कराया। शिकायतों पर डीआरडीए के इंजीनियर ने फर्नीचर नेे देखा तो गुणवत्ता बेहद घटिया मिली। इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को दे दी गई है।