जिलाधिकारी आरपी सिंह ने कहा कि मानव और प्रकृति के बीच संतुलन बना रहे, इसके लिए वृक्षारोपण अत्यंत आवश्यक है। हम सभी मिलकर संकल्प लें कि गंगा नदी को गंदा नहीं करेगें। वहीं जनपद को हरा भरा करने के लिए एक व्यक्ति-एक वृक्ष योजना में आनलाइन कर सकते हैं पंजीकरण कराया जा सकता है।
डीएफओ संजीव कुमार शर्मा ने बताया कि वृक्षारोपण हेतु मुख्यमंत्री सामुदायिक वानिकी योजना, मुख्यमंत्री फलोद्यान योजना तथा मुख्यमंत्री कृषक वृक्ष धनयोजना संचालित हैं। जिसका जनपद में 9 करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य है, 200 पौधे लगाकर तीन साल तक उनका संरक्षण करने के लिए सरकार द्वारा 53 हजार रुपये प्रदान किया जाएंगे। 15 जून तक वृक्षों के लिए गड्ढा आदि खोदकर मिट्टी और खाद मिलाकर उसे ढक दिया जाए और बारिश के मौसम में उसमें वृक्षारोपण आरंभ कर दिया जाये। स्मृति वन की भी योजना में पूर्वजों, माता-पिता या किसी के भी नाम से वृक्षारोपण करना चाहे तो वेबसाइट गंगा सेवा डॉट यूपीएसडीसी डॉट जीओवी डॉट इन पर अपना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। वन विभाग अपनी भूमि पर वृक्ष लगाकर संबंधित की नेम प्लेट लगाकर उस पौधे का संरक्षण करेगा। वृक्ष भंडारा योजना में पोधे दान कर पौधरोपण में सहयोग कर सकते हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि गंगा नदी के किनारे स्थित 27 जनपदों में गंगा हरितिमा अभियान चलाया जा रहा है। गंगा के किनारे वृक्षारोपण तथा साफ सफाई का कार्य, गंगा के किनारे के गांवों मे स्वच्छता अभियान भी चलाने के लिए 38 ग्राम गंगा सेवा समितियां बनायी गयी हैं। जो ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता उत्पन्न करने का कार्य करेंगी।