एटा। विदेशी फूलों की खेती को बढ़ावा देने का मकसद किसानों की आर्थिक स्थिति सुधरना है। इसके लिए सरकार ने उद्यान विभाग को जिम्मेदारी सौंपी है। फूलों की खेती से एक ओर जिले की धरती महकेगी तो दूसरी ओर आय के स्रोत भी बढ़ेंगे। जिसके लिए प्रयास तेज हो गए हैं। साथ ही किसानों को जागरूक किया जा रहा है।
उद्यान विभाग निरंतर फूलों की खेती की ओर किसानों को मोड़ना चाहता है। इसके लिए सरकार की ओर से बीज व उर्वरक पर अनुदान भी दिया जा रहा है। ग्लेडियोलस फूल विदेशी प्रजाति का है मगर देश में ग्लेडियोलस फूल की जबरदस्त मांग है। किसान को फूलों की खेती से अच्छी आय के स्रोत बन जाते हैं और किसान को बाजार की दृष्टि से आगरा या दिल्ली की मंडी में वाजिब मूल्य में मिल जाता है। सरकार की मंशा है किसानों को फूलों की खेती ओर आकर्षित किया जाए ताकि उन्नति के द्वार खुल जाए। ग्लेडियोलस फूल की खेती जिले में पहले से भी हो रही है किसानों ने इसका फायदा भी उठाया है। लघु एवं सीमांत कृषकों को 40 फीसदी व अन्य किसानों को 25 फीसदी अनुदान दिया जा रहा है। ग्लेडियोलस फूलों की खेती पर 37500 की जगह अब 60 हजार रुपये अनुदान कर दिया गया है।
किसानों द्वारा अन्य फसलों के पैदावार से जो लाभ मिलता है उससे कई गुना ज्यादा लाभ फूलों की खेती से हो रहा है। समय के साथ हो रहे बदलाव को मद्देनजर रखते हुए सरकार ने किसानों को फूलों की खेती ओर जागरूक करने का वीणा उठाया है। इसके लिए उद्यान विभाग को जिम्मेदारी दी गई है। कृषक उद्यान विभाग में अपना पंजीकरण कराकर योजना का लाभ उठा सकते हैं।
गेंदा व रजनीगंधा फूलों से भी होगी अच्छी कमाई
उद्यान विभाग के माध्यम से गेंदा व रजनीगंधा फूलों की खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। गेंदा के बीज पर 10 हजार रुपये व रजनीगंधा की खेती के लिए 25 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान के रूप में किसानों को दिया जा रहा है। इन दोनों ही फूलों की मांग बाजार के अंदर हर मौसम में रहती है और किसान अच्छा खासा लाभ उठा सकते हैं।