मथुरा। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश का पालन न होने पर डीएम दो मामलों की अवमानना में फंस गए हैं। दोनों ही मामलों में डीएम ने एडीएम कानून व्यवस्था को जांच सौंपी है, जो अवमानना के कारणों की रिपोर्ट डीएम को देंगे।
यमुना पर बने पुल के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजे को लेकर जमीन स्वामित्व का विवाद हाईकोर्ट तक पहुंचा था। कैलाश चंद्र की याचिका पर हाईकोर्ट ने छह सप्ताह में मामला निस्तारित करने का आदेश डीएम को दिया। लेकिन, मामले का निस्तारण इस अवधि में नहीं हो सका। कोर्ट की अवमानना की याचिका फिर दायर हो गई। इसी तरह सीजनल सेवक आरके शर्मा की याचिका पर हुआ।
सीजनल सेवक ने अपनी सेवा के मामले में हाईकोर्ट की शरण ली। कोर्ट ने इस मामले का भी निस्तारित के आदेश डीएम को दिए, लेकिन निर्धारित अवधि में निस्तारण नहीं हो सका। इन दोनों ही मामलों में डीएम कोर्ट की अवमानना में फंस गए। डीएम सर्वज्ञराम मिश्र ने दोनों ही मामलों में कोर्ट में जवाब दाखिल करते हुए जांच बिठा दी है। एडीएम कानून व्यवस्था रमेशचंद जांच करेंगे कि अवमानना के लिए जिम्मेदार कौन है।