प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के लिए चलाई गई ऋण माफी योजना के लाभ से वंचित किसानों ने समस्याएं पोर्टल पर दर्ज कराई थी। लेकिन फिर भी बड़ी संख्या में किसान शिकायत करने से वंचित रह गए और 10 मार्च को पोर्टल बंद कर दिया। किसानों की समस्या को देखते हुए फिर से 15 अप्रैल तक के लिए पोर्टल खोला गया तो 3560 किसानों ने पोर्टल पर शिकायतें दर्ज कराईं। अब तक 14405 किसानों ने शिकायतें दर्ज कराई हैं और अब ऋण मोचन के इंतजार में हैं।
जिले में 52 हजार किसानों ने ग्रामीण बैंकों, सहकारी बैंकों एवं अन्य राष्ट्रीयकृत बैंकों से ऋण लिए। प्रदेश सरकार की ऋण मोचन योजना का जिले के 36067 किसानों को योजना का लाभ मिला और उनका एक लाख रुपये तक ऋण माफ हो गया। योजना से वंचित रह गए उन्होंने पोर्टल पर अपनी शिकायतें दर्ज कराई। 10 मार्च के बाद पोर्टल को सरकार ने बंद कर दिया।
किसान ऋण माफी की शिकायत के लिए भटकते रहे। डीएम से फरियाद की गई। इस पर सरकार ने पोर्टल 15 अप्रैल के लिए फिर से खोला गया। 3560 किसानों ने इसका लाभ लिया और अपनी शिकायतों को दर्ज कराया।
जिला कृषि अधिकारी सुमित कुमार सिंह ने बताया कि जो भी शिकायतें मिली हैं। मिलने वाली शिकायतों का सत्यापन 25 अप्रैल तक कराया जाएगा। अब तक 5571 किसान प्रथम दृष्टया पात्र पाए गए हैं। जिनकी सूची संबंधित तहसीलों में चस्पा कर दी गई है। शेष सभी शिकायतों के सत्यापन का कार्य पूर्ण होते ही ऋण माफी के लिए डिमांड जेनरेट कर शासन को भेजी जाएगी।
लिले में कर्ज लेने वाले किसानों की संख्या - 52000
ऋण माफी का लाभ प्राप्त करने वाले किसान - 36067
पोर्टल से अब तक जिलास्तरीय समिति को प्राप्त शिकायतें - 14405
समिति द्वारा सत्यापन में पात्र पाए गए किसान - 5571
अपात्र पाए गए किसान - 3673
अवशेष किसान जिनका सत्यापन चल रहा है - 2500