टाउनशिप (मथुरा)। गोकुल बैराज औरंगाबाद के निकट यमुना के डूब क्षेत्र में एनजीटी के आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यहां अवैध कालोनियों का निर्माण हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के सख्त आदेशों के बाद भी अवैध कालोनियों का निर्माण रुकने का नाम नहीं ले रहा है। इसमें अधिकारियों और कालोनाइजरों की मिलीभगत सामने आ रही है।
भूमाफिया और स्थानीय प्रशासन की साठगांठ से यमुना के डूब क्षेत्र को ही कालोनियों के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां धड़ाधड़ प्लॉट काटे जा रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारियों और संबंधित विभाग के अधिकारियों का कोई ध्यान नहीं है। सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के सख्त आदेश हैं कि यमुना डूब क्षेत्र में कहीं भी किसी प्रकार का निर्माण कार्य न किया जाए। बावजूद इसके भूमाफिया के हौसले बुलंद हैं।
थाना सदर बाजार क्षेत्र में औरंगाबाद स्थित गोकुल बैराज यमुना डूब क्षेत्र में है। औरंगाबाद खादर के डूब क्षेत्र को कालोनी के रूप में विकसित कर लोगों को ठगा जा रहा है। यह पहला मामला नहीं है, बल्कि मथुरा-वृंदावन में डूब क्षेत्र में अवैध कालोनियां खड़ी हैं। इनके खिलाफ प्रशासन ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है।