मथुरा। एक्सप्रेसवे पर सड़क हादसे में तीन डाक्टरों की मौत पर मथुरा से लेकर दिल्ली के एम्स तक आंसू छलकते रहे। सड़क हादसे में तीन की मौत और चार डाक्टरों के घायल होने पर दिल्ली के एम्स में खलबली मच गई। मृतक डाक्टरों के परिवार में तो कोहराम मच गया, वहीं एम्स के डाक्टर भी बेचैन दिखे।
मथुरा में पुलिस और प्रशासन के अफसरों के फोन खटकते रहे। एम्स के डाक्टर रविवार की भोर से स्थिति का जानकारी जुटाते दिखे। कई डाक्टरों ने मथुरा की तरफ ही दौड़ लगा दी। डाक्टरों के परिजन और एम्स के डाक्टरों के आंसू छलक रहे थे। मथुरा से दिल्ली तक आंसू छलकने थम नहीं सका। भीषण हादसे का शिकार हुए तीन डाक्टरों की मौत से एम्स के डाक्टर सकते में दिखे।
डीएम ने पोस्टमार्टम गृह के बाहर बुला लिए थे लोग
मथुरा। एम्स के तीन डाक्टरों की मौत पर डीएम सर्वज्ञराम मिश्र पोस्टमार्टम गृह पर तो पहुंचे, पर अंदर नहीं गए। मृतकों के परिजनों को पोस्टमार्टम गृह के द्वार पर बुलाकर डीएम ने जानकारी ली। डीएम ने तत्काल पोस्टमार्टम के लिए कहा। पोस्टमार्टम के लिए पैनल का गठन किया गया था। उधर, एसपी देहात आदित्य शुक्ला भी पोस्टमार्टम गृह पर डटे रहे। एसपी देहात परिवार के लोगों को ढांढस बंधाते रहे। सड़क हादसे में मारे गए तीन डाक्टरों को पोस्टमार्टम दो डाक्टरों के पैनल ने किया। दो डाक्टरों के पैनल के बाद इन डाक्टरों के शवों को परिजन और डाक्टर दिल्ली ले गए।
तीनों डाक्टर बड़े मिलनसार थे
मथुरा। दिल्ली एम्स के सीनियर रेजीडेंट डॉ. हर्षद वानखेड़े, जूनियर रेजीडेंट यशप्रीत और हेमबाला काफी मिलनसार थे। ड्यूटी को गंभीरता से करने वाले तीनों डाक्टर हास्पिटल से बाहर आने पर आपस में हंसी-मजाक भी करना नहीं भूलते थे। इन तीनों की मौत ने एम्स के उनके साथियों को झकझोर दिया है। हर कोई उनकी जिंदादिली को याद करता दिख रहा है।